पश्चिम बंगाल

कोलकाता एयरपोर्ट मस्जिद विवाद: सुवेंदु बोले, सुरक्षा सबसे पहले

Kavita2
13 July 2026 10:22 AM IST
कोलकाता एयरपोर्ट मस्जिद विवाद: सुवेंदु बोले, सुरक्षा सबसे पहले
x

Kolkata कोलकाता : कोलकाता अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के अंदर स्थित एक मस्जिद में जमात की नमाज के लिए एंट्री पास निलंबित किए जाने के विवाद के बीच पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस मामले पर भाजपा नेता और पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कोलकाता एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील स्थान की सुरक्षा सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है।

रविवार को पूर्व मेदिनीपुर जिले के तमलुक में भाजपा की विशेष संगठनात्मक बैठक के बाद बाहर निकलते समय सुवेंदु अधिकारी ने पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और कोलकाता अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की सुरक्षा को हर दूसरी चीज से ऊपर प्राथमिकता दी जाएगी।




सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि कोलकाता अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का स्थान रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि चीन और बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए इस क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता जरूरी है।

उन्होंने कहा कि एक मुख्यमंत्री के तौर पर वह इस विषय पर ज्यादा टिप्पणी नहीं करेंगे, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा और एयरपोर्ट की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील स्थानों के प्रवेश द्वार बाहरी लोगों के लिए खुले नहीं रखे जा सकते।

यह विवाद उस समय सामने आया जब कोलकाता एयरपोर्ट परिसर में स्थित मस्जिद में नमाज अदा करने के लिए आने वाले कुछ लोगों के एंट्री पास को लेकर सवाल उठे। बताया जा रहा है कि एयरपोर्ट परिसर में स्थित मस्जिद में जमात की नमाज के लिए प्रवेश पास से जुड़ी व्यवस्था में बदलाव किया गया है, जिसके बाद यह मामला चर्चा में आया।

मामले को लेकर अलग-अलग पक्षों की ओर से प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। जहां कुछ लोगों ने इसे सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा कदम बताया, वहीं कुछ लोगों ने धार्मिक गतिविधियों से जुड़े प्रवेश को लेकर सवाल उठाए हैं।

कोलकाता अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा देश के प्रमुख हवाई अड्डों में शामिल है और यहां हर दिन बड़ी संख्या में यात्री आते-जाते हैं। एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील स्थानों पर प्रवेश और सुरक्षा नियमों को लेकर सख्त व्यवस्था लागू रहती है।

सुरक्षा एजेंसियां समय-समय पर एयरपोर्ट परिसर में प्रवेश करने वाले लोगों, कर्मचारियों और अन्य व्यक्तियों के लिए नियमों की समीक्षा करती हैं। किसी भी व्यक्ति को प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश के लिए निर्धारित अनुमति और पहचान प्रक्रिया से गुजरना होता है।




सुवेंदु अधिकारी के बयान के बाद यह मुद्दा राजनीतिक रूप से भी गर्म हो गया है। भाजपा ने जहां सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही है, वहीं अन्य राजनीतिक दल इस मामले को अलग नजरिए से देख रहे हैं।

अधिकारी ने अपने बयान में यह भी कहा कि कोलकाता एयरपोर्ट की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए यहां विशेष सुरक्षा की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ऐसे स्थानों पर किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जा सकती।

इस बीच, एयरपोर्ट प्रशासन और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों की ओर से इस मामले को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आने का इंतजार है। सुरक्षा व्यवस्था और प्रवेश नियमों को लेकर अंतिम निर्णय संबंधित एजेंसियों द्वारा ही लिया जाएगा।

गौरतलब है कि देश के सभी प्रमुख हवाई अड्डों पर सुरक्षा नियम काफी सख्त होते हैं। यात्रियों के साथ-साथ एयरपोर्ट परिसर में काम करने वाले कर्मचारियों और अन्य लोगों के लिए भी अलग-अलग स्तर की अनुमति व्यवस्था लागू होती है।

कोलकाता एयरपोर्ट से जुड़ा यह मामला अब सुरक्षा, धार्मिक गतिविधियों और संवेदनशील स्थानों पर प्रवेश व्यवस्था को लेकर चर्चा का विषय बन गया है। फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर हैं कि प्रशासन इस मामले में आगे क्या कदम उठाता है।

Next Story