पश्चिम बंगाल

Kolkata: मंत्री बनने के बाद पहली बार अपने विधानसभा क्षेत्र में पहुंचीं अग्निमित्रा पाल

Admindelhi1
16 May 2026 10:59 AM IST
Kolkata: मंत्री बनने के बाद पहली बार अपने विधानसभा क्षेत्र में पहुंचीं अग्निमित्रा पाल
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"अग्निमित्रा पाल के दौरे से कार्यकर्ताओं में उत्साह"

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में मंत्री पद की शपथ लेने के बाद अग्निमित्रा पाल पहली बार अपने विधानसभा क्षेत्र आसनसोल दक्षिण पहुंचीं, जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया। शुक्रवार को उनके आगमन को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग से लेकर विभिन्न इलाकों तक भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी उत्साह देखा गया। सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने पार्टी के झंडे, बैनर और ढाक-ढोल के साथ उनका भव्य अभिनंदन किया।

मीडिया से बातचीत में अग्निमित्रा पाल ने कहा कि इस जीत की भावना को शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय भाजपा कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत और आसनसोल दक्षिण की जनता के आशीर्वाद को दिया। उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में भाजपा की सरकार बनने के पीछे पुराने कार्यकर्ताओं की बड़ी भूमिका रही है।

मंत्री ने आश्वासन दिया कि अब घर-घर विकास पहुंचाने का काम किया जाएगा। लंबे समय से जिन बुनियादी सुविधाओं की कमी रही है, जैसे पीने का पानी, सड़क और शौचालय, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अपने विभाग के माध्यम से लोगों के और करीब जाकर काम करने का अवसर मिला है।

प्रशासनिक मामलों पर सख्त रुख अपनाते हुए उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार, हत्या और साजिश में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने कई मामलों को दबा दिया था और अब उन सभी मामलों की दोबारा जांच की जाएगी। इस दौरान उन्होंने शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व की भी सराहना करते हुए उन्हें एक सक्रिय और गतिशील नेता बताया।

अंडाल थाने के एक एएसआई के साथ हुई घटना पर पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उन्हें मामले की पूरी जानकारी नहीं है, लेकिन वह पुलिस कमिश्नर से इस विषय में बात करेंगी।

पर्यावरण और प्रदूषण के मुद्दे पर भी उन्होंने सख्त रुख दिखाया। दामोदर नदी से अवैध बालू और कोयला खनन को रोकने का आश्वासन देते हुए उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में प्रदूषण नियंत्रण के लिए कड़ी निगरानी की जाएगी। खासतौर पर मंगोलपुर औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्रियों को प्रदूषण नियंत्रण उपकरण चालू रखने के निर्देश दिए जाएंगे, ताकि आसपास के इलाकों में रहने वाले लोग फेफड़ों की गंभीर बीमारियों, जैसे क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज से प्रभावित न हों। जरूरत पड़ने पर कड़े प्रशासनिक कदम उठाने की चेतावनी भी उन्होंने दी।

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