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Kolkata : मेट्रो के लिए 60 नई ट्रेनें शुरू होंगी, अगले पांच साल में नेटवर्क विस्तार का ऐलान

West Bengal वेस्ट बंगाल: केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को घोषणा की कि अगले पांच वर्षों में कोलकाता मेट्रो के लिए 60 नेक्स्ट-जेनरेशन ट्रेनें शुरू की जाएंगी। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के तहत पश्चिम बंगाल में रेलवे और मेट्रो परियोजनाओं को नई गति देने का काम तेजी से आगे बढ़ेगा।
यह जानकारी उन्होंने राज्य सचिवालय नबन्ना में आयोजित एक बैठक के दौरान दी, जिसमें मुख्यमंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। बैठक में कोलकाता मेट्रो के विस्तार, नई ट्रेन सेवाओं और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
रेल मंत्री ने कहा कि पिछले कई दशकों में कोलकाता मेट्रो नेटवर्क का विस्तार बेहद धीमा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले 42 वर्षों में केवल 28 किलोमीटर मेट्रो नेटवर्क तैयार हुआ था, जबकि 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार बनने के बाद से अब तक 45 किलोमीटर नई मेट्रो लाइनें जोड़ी जा चुकी हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि कोलकाता मेट्रो को आधुनिक तकनीक और तेज विस्तार के साथ देश के प्रमुख मेट्रो नेटवर्कों में शामिल किया जाए। इसके लिए आने वाले वर्षों में बड़े पैमाने पर निवेश और नई परियोजनाओं को मंजूरी दी जाएगी।
अश्विनी वैष्णव ने कहा, “अगले पांच सालों में कोलकाता मेट्रो के लिए 60 नेक्स्ट-जेनरेशन ट्रेनें शुरू की जाएंगी। आज मैंने खुद कोलकाता मेट्रो का निरीक्षण किया है। हम इसे एक नया रूप देंगे।”
उन्होंने आगे कहा कि इन नई ट्रेनों में आधुनिक सुविधाएं, बेहतर सुरक्षा व्यवस्था और यात्रियों के लिए अधिक आरामदायक यात्रा अनुभव सुनिश्चित किया जाएगा। इसके साथ ही मेट्रो सेवाओं की फ्रीक्वेंसी बढ़ाने और भीड़भाड़ कम करने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि कोलकाता मेट्रो को शहर के अन्य परिवहन साधनों से बेहतर तरीके से जोड़ने की योजना बनाई जा रही है, ताकि यात्रियों को एकीकृत और सुगम यात्रा सुविधा मिल सके।
केंद्र सरकार का मानना है कि मेट्रो नेटवर्क के विस्तार से न केवल शहरी यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि पर्यावरण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, क्योंकि इससे सड़क यातायात पर निर्भरता कम होगी।
इस घोषणा को पश्चिम बंगाल में बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में इन परियोजनाओं के लागू होने से कोलकाता और आसपास के क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।





