पश्चिम बंगाल

TMC छोड़ भाजपा में आईं कोयल मल्लिक, राज्यसभा के लिए भरा नामांकन

Kavita2
6 Oct 2026 10:12 AM IST
TMC छोड़ भाजपा में आईं कोयल मल्लिक, राज्यसभा के लिए भरा नामांकन
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कोलकाता। बंगाली फिल्म अभिनेत्री और पूर्व तृणमूल कांग्रेस सांसद कोयल मल्लिक ने पश्चिम बंगाल से राज्यसभा उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। भाजपा ने रविवार को उन्हें उम्मीदवार घोषित किया था और इसके अगले ही दिन सोमवार को उन्होंने औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। इसके बाद उन्होंने विधानसभा पहुंचकर अपना नामांकन दाखिल किया।

कोयल मल्लिक का भाजपा में आना इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इसी वर्ष वह तृणमूल कांग्रेस की ओर से राज्यसभा पहुंची थीं। उन्होंने 6 अप्रैल 2026 को राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली थी, लेकिन पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद जुलाई में उन्होंने राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद से उनके भाजपा में शामिल होने की अटकलें चल रही थीं।

सोमवार को भाजपा में शामिल होने के बाद कोयल मल्लिक ने कहा कि वह पश्चिम बंगाल के विकास में योगदान देना चाहती हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का भी धन्यवाद किया। मल्लिक ने कहा कि राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ाने और युवाओं को बाहर जाने से रोकने की जरूरत है। उनके मुताबिक यदि उन्हें लोगों के लिए कुछ करने का अवसर मिलता है तो वह इसे अपने लिए सौभाग्य मानेंगी।

नामांकन दाखिल करने के दौरान पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। नामांकन के बाद मल्लिक ने कहा कि वह सकारात्मक राजनीति पर ध्यान देना चाहती हैं और किसी के खिलाफ नकारात्मक टिप्पणी नहीं करना चाहतीं।

उनसे यह भी पूछा गया कि अगर पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन नहीं होता तो क्या वह तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आतीं। इस सवाल पर मल्लिक ने सीधे राजनीतिक हमला करने से बचते हुए कहा कि यह उनका अपना फैसला है और वह किसी के बारे में बुरा नहीं बोलना चाहतीं। उन्होंने कहा कि हर राजनीतिक दल का काम करने का अपना तरीका होता है।

मल्लिक का यह जवाब इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि तृणमूल कांग्रेस से भाजपा में आने के उनके फैसले पर विपक्ष की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं। तृणमूल नेताओं ने आरोप लगाया है कि वह सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा के साथ गई हैं। वहीं भाजपा नेताओं का कहना है कि पार्टी ऐसे लोगों को साथ ला रही है जो पश्चिम बंगाल के विकास में योगदान देना चाहते हैं। दोनों पक्षों के ये दावे राजनीतिक बयान हैं।

कोयल मल्लिक पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आने वाली पहली राज्यसभा सांसद नहीं हैं। उनसे पहले सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक भी तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो चुके हैं। इन तीनों को बाद में भाजपा की ओर से राज्यसभा का मौका मिला। अब कोयल मल्लिक चौथी ऐसी प्रमुख पूर्व तृणमूल राज्यसभा सांसद बन गई हैं, जिन्होंने भाजपा का दामन थामा है।

मल्लिक का राजनीतिक सफर बेहद कम समय में तेजी से बदला है। अप्रैल में वह तृणमूल कांग्रेस की ओर से राज्यसभा पहुंचीं, जुलाई में उन्होंने सांसद पद छोड़ दिया और अक्टूबर में भाजपा की उम्मीदवार बनकर एक बार फिर संसद के उच्च सदन में जाने की तैयारी कर रही हैं। यही वजह है कि उनकी उम्मीदवारी पश्चिम बंगाल की मौजूदा राजनीति में खास चर्चा का विषय बनी हुई है।

भाजपा ने रविवार को पश्चिम बंगाल से कोयल मल्लिक और उत्तराखंड से दिनेश आर्य को राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित किया था। चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक राज्यसभा की संबंधित सीटों पर 16 अक्टूबर को मतदान होना है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है, जबकि 9 अक्टूबर तक उम्मीदवार नाम वापस ले सकते हैं।

पश्चिम बंगाल में जिस सीट पर उपचुनाव हो रहा है, वह कोयल मल्लिक के ही इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। अब उसी सीट पर भाजपा ने उन्हें उम्मीदवार बनाया है। राज्य विधानसभा में भाजपा के पास स्पष्ट बहुमत है, इसलिए राजनीतिक रूप से उनकी उम्मीदवारी मजबूत मानी जा रही है। हालांकि चुनाव परिणाम औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

कोयल मल्लिक बंगाली फिल्म इंडस्ट्री का जाना-पहचाना चेहरा हैं। वह वरिष्ठ अभिनेता रंजीत मल्लिक की बेटी हैं और दो दशकों से अधिक समय से फिल्मों में सक्रिय रही हैं। राजनीति में उनकी एंट्री अपेक्षाकृत हाल की है। पहले तृणमूल कांग्रेस और अब भाजपा के साथ उनके सफर ने फिल्म और राजनीति दोनों क्षेत्रों में उनकी चर्चा बढ़ा दी है।

भाजपा में शामिल होने के बाद मल्लिक ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में रोजगार के अधिक अवसर पैदा किए जाने चाहिए, ताकि पढ़ाई पूरी करने के बाद युवाओं को दूसरे राज्यों में जाने की जरूरत न पड़े। उन्होंने इसे अपनी राजनीतिक प्राथमिकताओं में शामिल करने के संकेत दिए।

तृणमूल कांग्रेस की ओर से उनकी राजनीतिक निष्ठा पर सवाल उठाए जा रहे हैं, जबकि मल्लिक ने किसी भी तरह की व्यक्तिगत बयानबाजी से दूरी बनाई है। उनका कहना है कि वह अपने फैसले के साथ आगे बढ़ना चाहती हैं और दूसरी पार्टियों या नेताओं की आलोचना नहीं करेंगी।

फिलहाल कोयल मल्लिक का नामांकन दाखिल होने के साथ ही पश्चिम बंगाल की राज्यसभा सीट पर राजनीतिक तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। कुछ ही महीनों में तृणमूल कांग्रेस की सांसद से भाजपा उम्मीदवार बनने तक का उनका सफर राज्य की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों का एक चर्चित उदाहरण बन गया है। अब सभी की नजर 16 अक्टूबर को होने वाली चुनावी प्रक्रिया पर रहेगी।

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