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एसआरएफटीआई छात्रों के समर्थन में कमलेश्वर ने उठाई आवाज

कोलकाता: सत्यजीत राय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एसआरएफटीआई) के छात्रों का आंदोलन अब राज्य से बाहर भी फैल रहा है। मंगलवार को छात्रों ने देशभर के शिक्षण संस्थानों में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था। इसी अनुसार आंदोलन के प्रति एकजुटता जताने के लिए फिल्म निर्देशक कमलेश्वर मुखर्जी एसआरएफटीआई परिसर पहुंचे। हालांकि, उन्हें संस्थान के अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने मुख्य द्वार के बाहर से ही आंदोलनरत छात्रों को संबोधित किया। इसी दिन जादवपुर विश्वविद्यालय में भी एसआरएफटीआई के छात्रों के समर्थन में धरना दिया गया।
पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार, मंगलवार सुबह से ही एसआरएफटीआई परिसर में छात्रों ने बड़े स्तर पर धरना शुरू किया। छात्रों ने ‘जय भीम’ के नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों की मांग है कि शिक्षण संस्थानों की स्वायत्तता, विद्यार्थियों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और परिसर में लोकतांत्रिक वातावरण बनाए रखा जाए।
छात्रों का आरोप है कि शिक्षा का भगवाकरण करने की कोशिश की जा रही है और विद्यार्थियों के विरोध करने के अधिकार में भी हस्तक्षेप किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति के खिलाफ देश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के छात्र एकजुट होकर आंदोलन करेंगे।
आंदोलनरत छात्रों से मिलने पहुंचे कमलेश्वर मुखर्जी को परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने मुख्य द्वार के बाहर से ही अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि सिनेमा दीवारें तोड़ता है, लेकिन अब दीवारें बनाई जा रही हैं। अंदर प्रवेश नहीं करने देना और बातचीत करने से रोकना लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है। छात्र जिस लड़ाई को लड़ रहे हैं, वह लोकतांत्रिक अधिकारों और संवैधानिक गरिमा की रक्षा की लड़ाई है। मैं उनके साथ हूं।
इससे पहले अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने भी वीडियो संदेश जारी कर लोगों से एसआरएफटीआई के छात्रों का समर्थन करने की अपील की थी।
इस आंदोलन के समर्थन में जादवपुर विश्वविद्यालय, आलिया विश्वविद्यालय और भारतीय सांख्यिकी संस्थान सहित कई शिक्षण संस्थानों के छात्र सामने आए हैं। मंगलवार दोपहर जादवपुर विश्वविद्यालय में भी धरना-प्रदर्शन किया गया। विश्वविद्यालय के छात्र अंजिल दास ने बताया कि एसआरएफटीआई के आंदोलन के समर्थन और शिक्षा के क्षेत्र में भाजपा की नीतियों के विरोध में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।





