पश्चिम बंगाल

Kolkata में काली पूजा की धूम, बच्चे मना रहे काली पूजा और दिवाली आतिशबाजी के साथ

SHIDDHANT
21 Oct 2025 12:33 AM IST
Kolkata में काली पूजा की धूम, बच्चे मना रहे काली पूजा और दिवाली आतिशबाजी के साथ
x
Kolkata कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में आज काली पूजा के उत्सव की शुरुआत हो गई है। शहर भर के विभिन्न पंडालों और मंदिरों में देवी काली की भव्य मूर्तियों की स्थापना की गई है और श्रद्धालु अपने परिवारों के साथ पूजा-अर्चना में जुटे हैं। इस अवसर पर बच्चे और युवा काली पूजा और दिवाली दोनों को मिलाकर आतिशबाजी और पटाखे जलाकर त्योहार का आनंद ले रहे हैं। शहर के प्रमुख क्षेत्रों जैसे पार्षद, नॉर्थ कोलकाता, बेलघरिया, जादवपुर और सॉल्टलेक में पंडालों की सजावट और रोशनी देखने लायक है। पंडालों में रंग-बिरंगी लाइटों, फूलों और पारंपरिक सजावट के साथ देवी काली की विशाल मूर्तियां स्थापित की गई हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह से ही श्रद्धालु अपने घरों और पंडालों में देवी की पूजा कर रहे हैं। बच्चों की उत्सुकता भी देखने लायक है। वे अपने माता-पिता और परिवार के साथ पटाखे जलाते हुए दिवाली और काली पूजा का आनंद ले रहे हैं। बच्चों की यह उत्सुकता और आनंद पूरे वातावरण को त्योहार की खुशियों और उल्लास से भर रहा है। पुलिस और प्रशासन ने इस अवसर पर सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए हैं। पंडालों के आसपास भीड़ नियंत्रण और सड़क सुरक्षा के लिए पुलिस कर्मी तैनात हैं। साथ ही, आग और आतिशबाजी से जुड़ी सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन सतर्क है।
विशेषज्ञों और एनजीओ ने नागरिकों से अपील की है कि बच्चों की सुरक्षा और आसपास के लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए ही पटाखों का प्रयोग करें। इसके साथ ही, पर्यावरण और स्वास्थ्य के प्रति भी सजग रहने की सलाह दी गई है। काली पूजा और दिवाली के मिलन से कोलकाता का सांस्कृतिक और धार्मिक माहौल और भी भव्य और जीवंत हो गया है। स्थानीय दुकानों, बाजारों और पंडालों में लोगों की भीड़ उमड़ रही है। इस दौरान मिठाइयों और पूजा सामग्री की खरीदारी भी जोरों पर है।
शहर के निवासी और श्रद्धालु दोनों ही इस अवसर को परिवार और सामाजिक एकता के साथ मना रहे हैं। दीप, मोमबत्तियां और पटाखों की रौशनी ने पूरे शहर को त्योहार की रंगीन छटा प्रदान की है। इस प्रकार, कोलकाता में आज का दिन काली पूजा और दिवाली के मेल का प्रतीक बनकर सामने आया है। बच्चे और बड़े दोनों ही आतिशबाजी, पूजा और परिवार के साथ समय बिताकर इस त्योहार का आनंद ले रहे हैं।
Next Story