- Home
- /
- राज्य
- /
- पश्चिम बंगाल
- /
- वेस्ट बंगाल में SIR...
पश्चिम बंगाल
वेस्ट बंगाल में SIR प्रक्रिया के लिए समय अपर्याप्त, 1.75 करोड़ मतदाता प्रभावित
SHIDDHANT
14 Dec 2025 10:37 PM IST

x
West Bengal। वेस्ट बंगाल में विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची और SIR (Summary Revision) प्रक्रिया को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है। राज्य के सूचना और नागरिक सेवाएं मंत्री, स्निहासिस चक्रबर्ती ने रविवार को कहा कि SIR प्रक्रिया को इतनी कम समय में पूरा करना संभव नहीं है। मंत्री चक्रबर्ती ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया के लिए चुनाव आयोग ने राज्य को पर्याप्त समय नहीं दिया है। उन्होंने कहा, "SIR प्रक्रिया इतनी जल्दी पूरी नहीं की जा सकती। इसके लिए बहुत अधिक समय की आवश्यकता होती है, लेकिन चुनाव आयोग ने वेस्ट बंगाल को पर्याप्त समय नहीं दिया है।"
उन्होंने आगे कहा कि नाम में स्पेलिंग की गलतियों वाले मतदाताओं को भी सुनवाई में शामिल करना और समन भेजना आवश्यक होगा। इस तरह के मतदाताओं की संख्या लगभग 17.5 मिलियन (1.75 करोड़) है। SIR प्रक्रिया में मतदाता सूची का सारांश संशोधन और त्रुटियों का सुधार शामिल होता है। इसमें नए मतदाताओं को जोड़ना, मृतक या स्थानांतरित मतदाताओं को हटाना और नामों में गलतियों को सुधारना शामिल है। मंत्री ने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया में राज्य प्रशासन को सभी मतदाता केंद्रों और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समन्वय करना पड़ता है, जिससे समय की बड़ी मांग होती है।
स्निहासिस चक्रबर्ती ने बताया कि कम समय में SIR प्रक्रिया को पूरा करने की कोशिश से मतदाता अधिकार प्रभावित हो सकते हैं, क्योंकि प्रत्येक मतदाता का नाम सही होना आवश्यक है। उन्होंने चेतावनी दी कि गलतियों के कारण मतदाता सुनवाई से वंचित नहीं होने चाहिए, अन्यथा यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। राज्य सरकार ने पहले ही चुनाव आयोग से SIR प्रक्रिया के लिए अतिरिक्त समय की मांग की है, ताकि सभी मतदाताओं को सूची में सही तरीके से शामिल किया जा सके। मंत्री ने कहा कि इस मामले में राज्य प्रशासन पूरी तरह तैयार है, लेकिन समय सीमा की कमी उचित और निष्पक्ष मतदाता सूची तैयार करने में बाधा बन सकती है।
वहीं, राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि SIR प्रक्रिया को लेकर यह बहस चुनावों की निष्पक्षता और मतदाता अधिकार के मुद्दे पर केंद्रित है। इससे मतदाता सूची की सटीकता और समावेशिता पर सवाल उठ सकते हैं।
मंत्री चक्रबर्ती ने जनता से अपील की कि यदि उन्हें अपने नाम या पते में कोई त्रुटि दिखती है, तो वह तुरंत स्थानीय निर्वाचन कार्यालय में आवेदन करें। उनका कहना था कि राज्य सरकार इस प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए हर संभव कदम उठाएगी।
राज्य के प्रशासनिक अधिकारी भी इस प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। सभी जिले और स्थानीय निर्वाचन अधिकारी सुनवाई केंद्रों को व्यवस्थित करने और मतदाता समस्याओं का समाधान करने में जुटे हैं।
स्निहासिस चक्रबर्ती की टिप्पणियों के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि चुनाव आयोग और राज्य सरकार के बीच समय सीमा को लेकर चर्चा जारी है। मतदाता सूची की सटीकता सुनिश्चित करना न केवल लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि चुनावों की निष्पक्षता के लिए भी अनिवार्य है।
इस बयान से राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है, और सभी दलों की निगाहें SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची अपडेट पर टिकी हुई हैं।
TagsSnehasis ChakrabortyWest BengalSIR प्रक्रियामतदाता सूचीचुनाव आयोगनाम की गलतियाँ17.5 मिलियन मतदातावोटिंगराजनीतिक बहसनिर्वाचन तैयारीचुनाव आयोग का समयमतदाता हकनिर्वाचन प्रक्रियाजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story





