पश्चिम बंगाल

हुगली में माँ भगवती राजराजेश्वरी त्रिपुरा सुंदरी की मूर्ति की प्रतिष्ठा, महाविद्या की भक्ति में जुटे श्रद्धालु

SHIDDHANT
1 Feb 2026 9:07 PM IST
हुगली में माँ भगवती राजराजेश्वरी त्रिपुरा सुंदरी की मूर्ति की प्रतिष्ठा, महाविद्या की भक्ति में जुटे श्रद्धालु
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Hooghly. हुगली। एक भव्य धार्मिक समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें माँ भगवती राजराजेश्वरी त्रिपुरा सुंदरी की मूर्ति का विधि-विधानपूर्वक प्रतिष्ठापन किया गया। इस अवसर पर स्वामी सुबुद्धानंद महाराज ने कहा कि यह दिन अत्यंत शुभ और मंगलमय है। उन्होंने बताया कि ज्योतिष पीठ और द्वारका पीठ के प्रमुख ने मिलकर इस महाविद्या की मूर्ति का पूजन और प्रतिष्ठा की। स्वामी सुबुद्धानंद महाराज ने कहा कि भगवती राजराजेश्वरी त्रिपुरा सुंदरी को दस महाविद्याओं में से एक माना जाता है। उन्होंने ध्यान दिलाया कि जैसे भगवान विष्णु के 24 अवतार हैं, उसी प्रकार महाविद्याओं का प्रत्येक स्वरूप मानव जीवन में आध्यात्मिक शक्ति और मार्गदर्शन का प्रतीक है। इस दिन श्रद्धालु विशेष भक्ति और विधिपूर्वक पूजा-अर्चना में शामिल हुए।

समारोह में उपस्थित लोगों ने पूजा, मंत्रोच्चार और दीप प्रज्ज्वलन के माध्यम से अपनी श्रद्धा प्रकट की। स्वामी सुबुद्धानंद महाराज ने कहा कि त्रिपुरा सुंदरी की आराधना से मानसिक शांति, आध्यात्मिक बल और जीवन में समृद्धि आती है। उन्होंने यह भी बताया कि मंदिर में स्थापित मूर्ति का विशेष महत्व है और इसे देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु आए। इस अवसर पर धार्मिक अनुष्ठानों और मंत्र जाप के साथ ही भक्ति गीतों और कीर्तन का आयोजन भी किया गया। उपस्थित श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में आस्था और विश्वास के साथ पूजा की और मां त्रिपुरा सुंदरी से अपने जीवन में सुख, समृद्धि और परिवार की रक्षा की प्रार्थना की।

स्वामी सुबुद्धानंद महाराज ने कहा कि यह प्रतिष्ठा न केवल आध्यात्मिक चेतना को बढ़ावा देती है, बल्कि समाज में सांस्कृतिक और धार्मिक मूल्य बनाए रखने में भी योगदान देती है। उन्होंने आगे बताया कि इस महाविद्या की आराधना से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है। समारोह में स्थानीय भक्तजन, श्रद्धालु परिवार और छात्रों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। इस अवसर पर मंदिर परिसर को विशेष सजावट और रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया। यह आयोजन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण और यादगार साबित हुआ।
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