पश्चिम बंगाल

Kolkata से ग्वांगझू के लिए इंडिगो की उड़ान ने भरी उड़ान

SHIDDHANT
27 Oct 2025 12:24 AM IST
Kolkata से ग्वांगझू के लिए इंडिगो की उड़ान ने भरी उड़ान
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Bangal बंगाल: भारत और चीन के बीच पांच साल बाद सीधी हवाई सेवा फिर से शुरू हो गई है। रविवार रात को इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट ने कोलकाता एयरपोर्ट से रात 10:07 बजे ग्वांगझू के लिए उड़ान भरी, जिससे दोनों देशों के बीच एयर कनेक्टिविटी एक बार फिर बहाल हो गई। यह उड़ान कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (NSCBI एयरपोर्ट, दमदम) से रवाना हुई। एयरपोर्ट निदेशक के अनुसार, इस सीधी उड़ान सेवा के पुनःआरंभ से भारत-चीन के व्यापारिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक संबंधों को नई गति मिलेगी।

एयरपोर्ट निदेशक ने बताया कि महामारी और कूटनीतिक कारणों से पिछले पांच वर्षों से दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें बंद थीं। अब इस उड़ान सेवा के शुरू होने से पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल और आस-पास के राज्यों के यात्रियों को चीन पहुंचने में लगने वाला समय और खर्च दोनों में कमी आएगी। इस अवसर पर चीन के उप वाणिज्य दूत (Deputy Consul General) किन योंग ने कहा, “आज का दिन भारत और चीन दोनों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यह उड़ान केवल दो देशों के बीच यात्रा की शुरुआत नहीं, बल्कि द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

उन्होंने आगे कहा कि हाल ही में दोनों देशों के राष्ट्रीय नेताओं के बीच हुई मुलाकात के बाद संबंधों में सकारात्मक माहौल बना है और इस उड़ान की बहाली उसी दिशा में एक सार्थक कदम है। इस नई सेवा के तहत इंडिगो एयरलाइंस कोलकाता से ग्वांगझू के बीच सप्ताह में तीन उड़ानें संचालित करेगी। एयरलाइंस के अधिकारियों का कहना है कि यह रूट व्यापारियों, छात्रों, चिकित्सा पर्यटकों और पर्यटकों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा।

कोलकाता एयरपोर्ट प्रबंधन ने उड़ान के प्रस्थान अवसर पर एक साधारण समारोह आयोजित किया, जिसमें एयरपोर्ट अधिकारियों, इंडिगो प्रतिनिधियों और चीन के राजनयिकों ने भाग लिया। समारोह में दोनों देशों के ध्वज लहराए गए और यात्रियों को मिठाई वितरण कर रवाना किया गया। उल्लेखनीय है कि कोलकाता-ग्वांगझू मार्ग भारत-चीन के बीच सबसे व्यस्त हवाई मार्गों में से एक था। इस उड़ान के पुनःआरंभ से न केवल यात्री यातायात बढ़ेगा बल्कि व्यापारिक लॉजिस्टिक्स और कार्गो सर्विसेज को भी गति मिलेगी। वाणिज्यिक विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में अन्य एयरलाइंस भी इस मार्ग पर अपनी सेवाएं बहाल कर सकती हैं। इससे दोनों देशों के बीच टूरिज्म, टेक्नोलॉजी और शिक्षा क्षेत्र में नए अवसर पैदा होंगे।
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