पश्चिम बंगाल

आईआईटी खड़गपुर छात्र का रूस के राष्ट्रपति पुतिन के भारत दौरे पर विश्लेषण

SHIDDHANT
1 Dec 2025 8:36 PM IST
आईआईटी खड़गपुर छात्र का रूस के राष्ट्रपति पुतिन के भारत दौरे पर विश्लेषण
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Kharagpur खड़गपुर: रूस के राष्ट्रपति वलादिमिर पुतिन के भारत दौरे के मद्देनजर आईआईटी खड़गपुर के एक छात्र ने भारत-रूस के रिश्तों और इस दौरे की अहमियत पर अपने विचार साझा किए। छात्र ने कहा कि वर्तमान वैश्विक राजनीति और आर्थिक मुद्दों को देखते हुए, भारत के लिए सर्वोत्तम लाभ वही है जिसमें उसकी नीतियों पर कोई नकारात्मक असर न पड़े और जो देश के विकास और सुरक्षा के लिए फायदेमंद हो। छात्र ने कहा, "जहां तक भारत-रूस कूटनीति का सवाल है, वर्तमान में जो ट्रम्प पश्चिमी देशों पर शुल्क लगाने की बात कह रहे हैं, वह भारत की नीति नहीं है। भारत हमेशा ऐसे समझौते करता है जो उसकी राष्ट्रीय हितों को सुरक्षित रखें और तकनीकी, आर्थिक व सुरक्षा दृष्टिकोण से लाभकारी हों।
पुतिन के भारत दौरे पर टिप्पणी करते हुए छात्र ने कहा कि रूस तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में अत्यधिक उन्नत है, जिसमें सैन्य तकनीक भी शामिल है। उन्होंने कहा, "अगर हम रूस के साथ प्रभावी सहयोग स्थापित करें, तो हमारी तकनीकी और सैन्य क्षमताएं काफी हद तक विकसित हो सकती हैं। यह हमारे देश के लिए एक रणनीतिक अवसर है। छात्र ने यह भी कहा कि भारत और रूस के बीच लंबे समय से दोस्ताना और सहयोगी संबंध रहे हैं। व्यापार, रक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में दोनों देशों ने कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। पुतिन के दौरे के दौरान, इन क्षेत्रों में नए समझौतों और साझेदारी की उम्मीद की जा रही है।
आईआईटी खड़गपुर के छात्र ने इसके अलावा कहा कि रूस के उन्नत तकनीकी अनुभव का लाभ भारत के स्टार्टअप और अनुसंधान संस्थानों को भी मिल सकता है। इससे न केवल रक्षा और अंतरिक्ष अनुसंधान में तेजी आएगी, बल्कि नवाचार और विज्ञान के क्षेत्र में भी देश की स्थिति मजबूत होगी। उन्होंने कहा, "इस दौरे से दोनों देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा और आईटी क्षेत्रों में रणनीतिक साझेदारी और मजबूत होगी। यह न केवल सैन्य ताकत बढ़ाने का अवसर है, बल्कि आर्थिक और तकनीकी सहयोग को भी बढ़ावा देगा।"
छात्र का मानना है कि पुतिन का यह दौरा केवल राजनयिक मुलाकात नहीं है, बल्कि दोनों देशों के बीच लंबे समय तक चलने वाले सहयोग और रणनीतिक संबंधों को नई दिशा देने वाला कदम है। इसके माध्यम से भारत वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति को और सुदृढ़ कर सकता है और तकनीकी व रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकता है। इस प्रकार, आईआईटी खड़गपुर के छात्र के अनुसार पुतिन का भारत दौरा, दोनों देशों के लिए आपसी लाभ और रणनीतिक सहयोग को बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर साबित होगा।
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