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शिक्षकों को करनी होगी जनगणना ड्यूटी स्कूल सेवा का ही हिस्सा
कोलकाता: कलकत्ता हाई कोर्ट ने जनगणना कार्य में शिक्षकों की तैनाती को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि जनगणना ड्यूटी के लिए नियुक्त किए गए शिक्षक इस जिम्मेदारी से इनकार नहीं कर सकते। साथ ही कोर्ट ने कहा कि जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों को स्कूल ड्यूटी पर ही माना जाएगा।
जस्टिस कृष्ण राव की एकल पीठ ने कहा कि जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है और सक्षम अधिकारियों द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारी का पालन करना शिक्षकों का दायित्व है। हालांकि, कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि जनगणना कार्य के कारण स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए और इसके लिए बेहतर समन्वय बनाना जरूरी है।
शिक्षकों को माना जाएगा ऑन ड्यूटी
हाई कोर्ट ने कहा कि जनगणना कार्य में लगाए गए शिक्षकों की ड्यूटी अवधि को स्कूल ड्यूटी के रूप में दर्ज किया जाना चाहिए। इससे शिक्षकों की नौकरी, वेतन, पदोन्नति और सेवा रिकॉर्ड पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। अदालत ने कहा कि यदि जनगणना विभाग को किसी शिक्षक की सेवाएं लेनी हैं तो संबंधित स्कूल प्रमुख को पहले से इसकी जानकारी देनी होगी। इसमें ड्यूटी की तारीख, समय और स्थान की स्पष्ट जानकारी शामिल होनी चाहिए।
पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए
कोर्ट ने स्कूल प्रशासन को निर्देश दिया कि जनगणना कार्य के दौरान छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो। इसके लिए स्कूलों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी होगी ताकि शिक्षण व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे। इससे पहले कई शिक्षकों ने जनगणना ड्यूटी को लेकर आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि स्कूल की नियमित जिम्मेदारियों के साथ अतिरिक्त कार्य का दबाव बढ़ रहा है। इसी को लेकर हाई कोर्ट में याचिकाएं दाखिल की गई थीं।
सरकार ने वापस लिया था विवादित आदेश
सुनवाई के दौरान पश्चिम बंगाल सरकार ने अदालत को बताया कि उसने शिक्षकों से स्कूल समय के बाद और सप्ताहांत में जनगणना कार्य कराने से संबंधित विवादित आदेश वापस ले लिया है। कोर्ट ने कहा कि जनगणना और शिक्षा व्यवस्था दोनों महत्वपूर्ण हैं, इसलिए दोनों के बीच संतुलन बनाकर काम करना होगा। अधिकारियों और स्कूल प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल से इस प्रक्रिया को पूरा किया जाना चाहिए।
राष्ट्रीय कार्य में सहयोग जरूरी
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि जनगणना देश की नीतियां बनाने और भविष्य की योजनाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इसलिए इसमें नियुक्त किए गए कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकते। हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों को लेकर स्थिति साफ हो गई है। अब शिक्षक इस जिम्मेदारी को स्कूल ड्यूटी के रूप में निभाएंगे और साथ ही स्कूलों में पढ़ाई व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी भी सुनिश्चित की जाएगी।
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