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West Bengal वेस्ट बंगाल: पूर्व मेदिनीपुर जिले में मंगलवार को एक बड़ा औद्योगिक हादसा सामने आया, जहां हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स की नेफ्था ले जाने वाली पाइपलाइन में भीषण आग लग गई। इस घटना में 10 से अधिक लोग घायल हो गए हैं, जबकि आसपास के कई घरों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। आग लगने के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
अधिकारियों के अनुसार आग की शुरुआत सुबह करीब 2:45 बजे हुई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक पाइपलाइन क्षेत्र में अचानक आग की लपटें उठती देखी गईं, जो देखते ही देखते तेजी से फैल गईं। आग का असर हल्दिया नगर पालिका के वार्ड संख्या 13 के चिरंजीबपुर इलाके तक पहुंच गया, जिससे वहां स्थित कई घर इसकी चपेट में आ गए और जलकर क्षतिग्रस्त हो गए।
घटना के तुरंत बाद प्रशासन और दमकल विभाग को सूचना दी गई। आग पर काबू पाने के लिए बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। अधिकारियों ने बताया कि मौके पर 12 फायर ट्रक तैनात किए गए हैं, जो लगातार आग बुझाने के प्रयास में जुटे हुए हैं। हालांकि समाचार लिखे जाने तक आग पूरी तरह से नियंत्रित नहीं की जा सकी थी और राहत कार्य जारी था।
स्थानीय लोगों के अनुसार, आग लगने के बाद इलाके में तेज धमाकों जैसी आवाजें सुनाई दीं, जिससे लोग दहशत में अपने घरों से बाहर निकल आए। कई परिवारों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कुछ ही समय में आसपास का बड़ा क्षेत्र प्रभावित हो गया।
घटना में घायल हुए लोगों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों को भी मौके पर तैनात किया गया है ताकि घायलों को तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि अन्य का इलाज चल रहा है।
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि पाइपलाइन में किसी तकनीकी खराबी या रिसाव के कारण आग लगी हो सकती है, हालांकि अधिकारियों ने अभी इस पर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। विस्तृत जांच के बाद ही आग लगने के सही कारणों का पता चल सकेगा।
पेट्रोकेमिकल पाइपलाइन में आग लगने की इस घटना ने औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि इस तरह की संवेदनशील पाइपलाइनों की नियमित जांच की जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
प्रशासन ने प्रभावित इलाके को घेराबंदी में ले लिया है और लोगों से दूर रहने की अपील की है। आग के आसपास के क्षेत्र में गैस और रासायनिक रिसाव की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि राहत और बचाव कार्य प्राथमिकता पर चल रहा है और आग पर काबू पाने के बाद ही नुकसान का सही आकलन किया जा सकेगा। प्रभावित परिवारों के लिए अस्थायी राहत शिविरों की व्यवस्था भी की जा रही है।
कुल मिलाकर, हल्दिया में हुई इस भीषण आग की घटना ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। 10 से अधिक लोगों के घायल होने और कई घरों के जलने के साथ यह हादसा एक बड़ी औद्योगिक त्रासदी के रूप में सामने आया है। प्रशासन अब आग पर पूरी तरह नियंत्रण और प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के प्रयास में जुटा हुआ है।





