पश्चिम बंगाल

वंदे मातरम पर राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस का संदेश: देशभक्ति और मातृभूमि के लिए समर्पण जरूरी

SHIDDHANT
6 Jan 2026 11:29 PM IST
वंदे मातरम पर राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस का संदेश: देशभक्ति और मातृभूमि के लिए समर्पण जरूरी
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Kolkata कोलकाता: वंदे मातरम गीत की 150वीं वर्षगांठ के मौके पर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने मंगलवार को देशभक्ति और मातृभूमि के प्रति समर्पण का संदेश दिया। राज्यपाल ने कहा कि वंदे मातरम केवल एक गीत नहीं है, बल्कि यह देशभक्ति, विविधता में एकता और मातृभूमि के लिए काम करने की प्रेरणा देता है। राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने अपने संदेश में कहा, "मैं वंदे मातरम के माध्यम से लोगों में देशभक्ति, सामाजिक सद्भाव और मातृभूमि के लिए समर्पण की भावना जगाना चाहता हूं। यह गीत हमें याद दिलाता है कि हम सभी को अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए देश की प्रगति और सुरक्षा में योगदान देना चाहिए।"
उन्होंने इस अवसर पर यह भी बताया कि वंदे मातरम केवल राष्ट्रगान का हिस्सा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और एकता का प्रतीक भी है। राज्यपाल ने कहा कि यह गीत हमें हमारे विविध सामाजिक और सांस्कृतिक परिवेश में एकता और सहिष्णुता का संदेश देता है। राज्यपाल ने बच्चों और युवाओं को विशेष रूप से संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें देशभक्ति और मातृभूमि के प्रति जिम्मेदारी की भावना को अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा, "युवा पीढ़ी ही देश का भविष्य है। उन्हें अपने कार्यों और सोच में देश के हित को सर्वोपरि रखना चाहिए।
पश्चिम बंगाल के विभिन्न विद्यालयों और सांस्कृतिक संस्थानों में इस अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें विद्यार्थियों और शिक्षकों ने वंदे मातरम का गायन किया। राज्यपाल ने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम देशभक्ति और सामाजिक जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सी.वी. आनंद बोस ने यह भी कहा कि वंदे मातरम का महत्व हर भारतीय के जीवन में समाहित होना चाहिए। यह गीत हमें एकता, साहस और समर्पण की भावना सिखाता है और हमें अपने देश की सेवा करने के लिए प्रेरित करता है।
राज्यपाल ने अंत में सभी से आग्रह किया कि वे देशभक्ति और मातृभूमि के प्रति संवेदनशील बने रहें और अपने क्षेत्र में सकारात्मक योगदान दें। उन्होंने यह संदेश भी दिया कि वंदे मातरम जैसे राष्ट्रीय गीतों और कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं में जिम्मेदारी और नैतिक मूल्यों की स्थापना की जा सकती है।
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