पश्चिम बंगाल

पूर्व विधायक सनत डे गिरफ्तार, वसूली-जमीन कब्जाने के आरोप

Kavita2
8 Aug 2026 4:02 PM IST
पूर्व विधायक सनत डे गिरफ्तार, वसूली-जमीन कब्जाने के आरोप
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कोलकाता। पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले की नैहाटी विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व विधायक सनत डे को शनिवार सुबह पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, पूर्व विधायक पर जबरन वसूली, अवैध रूप से जमीन कब्जाने और चुनाव बाद हुई हिंसा में कथित संलिप्तता समेत कई गंभीर आरोप हैं। गिरफ्तारी के बाद पुलिस मामले से जुड़े दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों की जांच में जुटी है।

पुलिस के अनुसार, सनत डे के खिलाफ लगे आरोपों में वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद हुई कथित हिंसक घटनाओं से जुड़े मामले भी शामिल हैं। इसके अलावा उन पर जमीन से जुड़े विवादों में अवैध हस्तक्षेप और जबरन वसूली के आरोप लगाए गए हैं। मामले की जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की है।

सुबह हुई गिरफ्तारी

जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने शनिवार सुबह सनत डे को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें जिला अदालत में पेश करने की तैयारी की जा रही है। सरकारी पक्ष की ओर से अदालत में उनकी पुलिस हिरासत की मांग किए जाने की संभावना है, ताकि मामले में उनसे पूछताछ की जा सके और आरोपों से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच आगे बढ़ाई जा सके।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के दौरान आरोपों की कड़ियां जोड़ने के लिए कई बिंदुओं पर पूछताछ जरूरी है। इसके अलावा यह भी पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि कथित घटनाओं में उनके साथ और कौन-कौन लोग शामिल थे।

जबरन वसूली का आरोप

पूर्व विधायक पर जबरन वसूली का गंभीर आरोप लगाया गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कथित तौर पर किससे और किस तरीके से रकम की मांग की गई। आरोपों से जुड़े लोगों के बयान भी जांच का हिस्सा बनाए जा सकते हैं।

पुलिस यह भी जांच कर सकती है कि क्या कथित वसूली की घटनाएं किसी संगठित गतिविधि का हिस्सा थीं या किसी विशेष स्थानीय विवाद से जुड़ी थीं। इस संबंध में पूछताछ के बाद तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

जमीन कब्जाने के आरोप की जांच

सनत डे पर अवैध रूप से जमीन हड़पने का भी आरोप है। उत्तर 24 परगना जिले के कई इलाकों में जमीन से जुड़े विवाद लंबे समय से राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चा का विषय रहे हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पूर्व विधायक के खिलाफ लगाए गए जमीन कब्जाने के आरोपों के पीछे वास्तविक घटनाक्रम क्या है।

जमीन के दस्तावेज, संबंधित पक्षों के बयान और अन्य उपलब्ध रिकॉर्ड की जांच के जरिए मामले की स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की जा सकती है। यदि किसी संपत्ति के हस्तांतरण या कब्जे में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो जांच उसी दिशा में आगे बढ़ेगी।

चुनाव बाद हिंसा से भी जुड़ा मामला

पूर्व विधायक की गिरफ्तारी का एक अहम पहलू 2021 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद हुई कथित हिंसा से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, सनत डे पर इन घटनाओं में शामिल होने का आरोप है।

पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हिंसा के मामले लंबे समय से राजनीतिक विवाद का मुद्दा रहे हैं। विभिन्न चुनावों के बाद कई स्थानों पर राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प, मारपीट और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की शिकायतें सामने आती रही हैं।

पुलिस अब यह जांच करेगी कि जिन घटनाओं में सनत डे का नाम सामने आया है, उनमें उनकी कथित भूमिका क्या थी और उनके खिलाफ उपलब्ध साक्ष्य कितने मजबूत हैं।

अदालत में पेशी पर नजर

गिरफ्तारी के बाद अब सनत डे को जिला अदालत में पेश किया जाएगा। सरकारी वकील की ओर से पुलिस हिरासत की मांग किए जाने की संभावना है। पुलिस हिरासत मिलने पर जांच अधिकारी उनसे आरोपों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ कर सकते हैं।

अदालत में सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से गिरफ्तारी के आधार और जांच के लिए हिरासत की जरूरत के बारे में जानकारी दी जाएगी। वहीं, बचाव पक्ष की ओर से पुलिस हिरासत का विरोध किए जाने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

राजनीतिक हलकों में भी चर्चा

पूर्व विधायक की गिरफ्तारी के बाद पश्चिम बंगाल के राजनीतिक हलकों में भी इसकी चर्चा शुरू हो गई है। सनत डे नैहाटी विधानसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। इसलिए उनकी गिरफ्तारी को स्थानीय राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

हालांकि, गिरफ्तारी के बाद लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में होने वाली कानूनी प्रक्रिया और जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी। किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोप लगना अपने आप में दोष सिद्ध होना नहीं है।

जांच के आगे बढ़ने पर सामने आएगी तस्वीर

फिलहाल पुलिस ने सनत डे को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का ध्यान जबरन वसूली, जमीन कब्जाने और चुनाव बाद हिंसा से जुड़े आरोपों के अलावा उन सभी परिस्थितियों पर है, जिनके आधार पर गिरफ्तारी की गई।

अदालत में पेशी और संभावित पुलिस हिरासत के बाद जांच आगे बढ़ने की उम्मीद है। पूछताछ, दस्तावेजों की जांच और संबंधित लोगों के बयान के आधार पर पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई करेगी।

शनिवार सुबह हुई इस गिरफ्तारी के बाद अब जिला अदालत की कार्यवाही और पुलिस की जांच पर नजर बनी हुई है। मामले में आगे क्या कानूनी कदम उठाए जाते हैं और आरोपों को लेकर जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं, यह अदालत और जांच एजेंसी की आगामी कार्रवाई से स्पष्ट होगा।

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