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TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ FIR दर्ज, हेल्थकेयर पहल से जुड़े मामले में महिला ने की शिकायत

कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। एक महिला की शिकायत के आधार पर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में महिला ने आरोप लगाया है कि कुछ महीने पहले पश्चिम बंगाल में शुरू की गई एक हेल्थकेयर आउटरीच पहल से जुड़े मामले में उसे परेशानी का सामना करना पड़ा।
अधिकारियों के मुताबिक, यह शिकायत उस स्वास्थ्य पहल से जुड़ी है, जिसकी शुरुआत अभिषेक बनर्जी ने 2 जनवरी को की थी। इस पहल का उद्देश्य लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना बताया गया था। उस समय पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की सरकार सत्ता में थी।
शिकायतकर्ता महिला का आरोप है कि उसने इस पहल के तहत घुटने के दर्द का इलाज करवाया था। महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अभिषेक बनर्जी के खिलाफ केस दर्ज किया है। हालांकि, मामले में अभी जांच जारी है और पुलिस की ओर से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
अधिकारियों ने बताया कि यह मामला दर्ज होने के बाद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ पहले से दर्ज मामलों की संख्या भी बढ़ गई है। उनके खिलाफ पहले ही दो FIR दर्ज होने की जानकारी सामने आई थी। अब नए मामले के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है।
अभिषेक बनर्जी पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस के प्रमुख चेहरों में शामिल हैं। वह पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र से सांसद के रूप में वह लगातार अपने क्षेत्र में विभिन्न योजनाओं और जनसंपर्क अभियानों के जरिए सक्रिय रहते हैं।
जिस हेल्थकेयर आउटरीच पहल का जिक्र शिकायत में किया गया है, उसे आम लोगों तक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। इसके तहत लोगों को स्वास्थ्य जांच और इलाज जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही गई थी।
वहीं, इस मामले को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज होने की संभावना है। तृणमूल कांग्रेस की ओर से अभी तक मामले पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पार्टी अक्सर अपने नेताओं के खिलाफ दर्ज मामलों को राजनीतिक साजिश बताती रही है।
विपक्षी दलों ने इस मामले को लेकर सरकार और तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधने की तैयारी शुरू कर दी है। उनका कहना है कि किसी भी योजना या जनसेवा कार्यक्रम में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है।
हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच के दौरान शिकायत में लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच की जाएगी। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
अभिषेक बनर्जी इससे पहले भी कई राजनीतिक विवादों और जांचों को लेकर चर्चा में रहे हैं। उनके खिलाफ अलग-अलग मामलों में विपक्षी दल सवाल उठाते रहे हैं, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने कई बार इन आरोपों को खारिज किया है।
फिलहाल नए मामले ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल पैदा कर दी है। पुलिस जांच के आगे बढ़ने के साथ यह साफ होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाती है।





