पश्चिम बंगाल

FIFA टूर्नामेंट पर मौसम की मार, गर्मी 5 गुना बढ़ी

Saba Naaz
3 July 2026 7:17 PM IST
FIFA टूर्नामेंट पर मौसम की मार, गर्मी 5 गुना बढ़ी
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WestBengal: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के दौरान नॉर्थ अमेरिका में भीषण गर्मी और ‘हीट डोम’ की स्थिति ने खिलाड़ियों और दर्शकों की चिंता बढ़ा दी है। क्लाइमेट सेंट्रल की रिपोर्ट के अनुसार, जलवायु परिवर्तन के कारण जानलेवा गर्मी की तीव्रता लगभग 5 गुना बढ़ गई है, जिससे बिना एयर कंडीशनिंग वाले स्टेडियमों में हालात बेहद खतरनाक हो गए हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि 4 जुलाई के वीकेंड से पहले पूर्वी नॉर्थ अमेरिका के कई शहरों में तापमान सामान्य से करीब 9.6 डिग्री फारेनहाइट तक अधिक रहने का अनुमान है। इससे नॉकआउट मुकाबलों के दौरान खिलाड़ियों की सेहत और प्रदर्शन पर सीधा असर पड़ सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, टूर्नामेंट के कई मैच ऐसे स्टेडियमों में खेले जा रहे हैं जहां एसी की सुविधा नहीं है। वहीं कुछ स्टेडियम पूरी तरह क्लाइमेट कंट्रोल सिस्टम से लैस हैं, जिससे टीमों के बीच असमान स्थिति पैदा हो रही है। नो-एसी स्टेडियमों में न्यूयॉर्क (न्यू जर्सी), मियामी, फिलाडेल्फिया और टोरंटो जैसे वेन्यू शामिल हैं, जहां खिलाड़ियों को अत्यधिक गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। इसके विपरीत ह्यूस्टन, डलास और अटलांटा जैसे एसी वाले स्टेडियमों को सुरक्षित जोन माना जा रहा है।

विश्लेषकों का कहना है कि यह स्थिति अब खेल के निष्पक्ष माहौल को भी प्रभावित कर रही है, क्योंकि गर्मी के कारण खिलाड़ियों की फिटनेस और रिकवरी पर दबाव बढ़ रहा है। कई मैचों के दौरान मौसम खराब होने और तूफान की वजह से खेल बीच में रोकने तक की नौबत आ चुकी है। 4 जुलाई को कई शहरों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर रहने की चेतावनी दी गई है। इससे पहले खेले गए कुछ मैचों में उमस और गर्मी के कारण खिलाड़ियों और दर्शकों को परेशानी का सामना करना पड़ा था।

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि सिर्फ तापमान देखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि ‘हीट इंडेक्स’ और वेट-बल्ब टेम्परेचर जैसे कारक वास्तविक खतरे को दर्शाते हैं। सीधे धूप में खेल रहे खिलाड़ियों पर इसका असर और अधिक गंभीर होता है। स्टेडियमों के बाहर दर्शकों की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। कतारों में खड़े फैंस और ट्रैवल कर रहे लोग हीट स्ट्रोक और गर्मी से जुड़ी बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। पहले भी कई शहरों में सैकड़ों लोग बीमार पड़ चुके हैं, जिसके चलते कुछ फैन इवेंट्स भी रद्द करने पड़े थे।

विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन ने खेल आयोजन की परिस्थितियों को पूरी तरह बदल दिया है और भविष्य में बड़े टूर्नामेंटों के लिए नई सुरक्षा रणनीति अपनाना जरूरी होगा।

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