पश्चिम बंगाल

कर्मचारियों ने लंबित महंगाई भत्ता मंजूरी की मांग को लेकर फिर से शुरू किया विरोध-प्रदर्शन

SHIDDHANT
8 Feb 2026 8:08 PM IST
कर्मचारियों ने लंबित महंगाई भत्ता मंजूरी की मांग को लेकर फिर से शुरू किया विरोध-प्रदर्शन
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West Bengal पश्चिम बंगाल: सरकार के कर्मचारियों के संयुक्त मंच के सदस्यों ने रविवार को कोलकाता की सड़कों पर उतरकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सरकार पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार लंबित 25 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) जारी करने का दबाव बनाया। प्रदर्शनकारियों ने मध्य कोलकाता के सुबोध मल्लिक चौक से रानी रश्मोनी रोड तक जुलूस निकाला। इस अवसर पर भाजपा सांसद सौमित्र खान भी कर्मचारियों के समर्थन में मौजूद रहे।
संयुक्त मंच के नेताओं ने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद राज्य सरकार लंबित महंगाई भत्ता का भुगतान करने में आनाकानी कर रही है। मंच के संयोजक भास्कर घोष ने कहा कि यह भत्ता न केवल कर्मचारियों के लिए बल्कि बाजार में भी असर डालेगा और श्रम का मूल्य बढ़ाएगा। उन्होंने सरकार से आदेश का पालन करने की तत्काल मांग की।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 5 फरवरी को विधानसभा में कहा था कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति में सरकार का कोई प्रतिनिधि नहीं था। इसलिए सरकार ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समीक्षा समिति बनाई है, जो इस मामले पर सिफारिश करेगी।
सुप्रीम कोर्ट ने 31 मार्च तक राज्य कर्मचारियों को देय 25 प्रतिशत महंगाई भत्ता का भुगतान करने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा की खंडपीठ ने शेष 75 प्रतिशत डीए के लिए चार सदस्यीय समिति गठित करने का निर्देश भी दिया। पिछले साल अगस्त में इसी बेंच ने अपना फैसला सुरक्षित रखा था।
सुप्रीम कोर्ट ने 16 मई 2025 को पारित अंतरिम आदेश में सरकार को 25 प्रतिशत महंगाई भत्ता तीन महीने के भीतर भुगतान करने का निर्देश दिया था। ममता बनर्जी सरकार ने बाद में धन की कमी का हवाला देते हुए समय सीमा छह महीने बढ़ाने की अपील की थी।
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