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TMC सांसद नदीमुल हक से जुड़े ठिकानों पर ED की छापेमारी, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच

कोलकाता। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद नदीमुल हक द्वारा प्रमोट किए जा रहे उर्दू दैनिक समाचार पत्र से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की। अधिकारियों के मुताबिक, जांच एजेंसी ने कोलकाता, दिल्ली और रांची में कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई 'अखबार-ए-मशरिक' नाम से प्रकाशित होने वाले उर्दू दैनिक और उससे संबंधित कंपनी के खिलाफ चल रही धनशोधन जांच के सिलसिले में की गई।
56 वर्षीय नदीमुल हक तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद होने के साथ पत्रकार और व्यवसायी भी हैं। वह 'अखबार-ए-मशरिक प्राइवेट लिमिटेड' के निदेशक हैं। यही कंपनी 'अखबार-ए-मशरिक' नाम से उर्दू दैनिक समाचार पत्र का प्रकाशन करती है। अधिकारियों के अनुसार, इसी कंपनी और इससे जुड़े वित्तीय लेनदेन को लेकर ईडी की जांच चल रही है।
तीन शहरों में एक साथ कार्रवाई
#WATCH | Kolkata, West Bengal: The Enforcement Directorate (ED) is conducting searches at the residence of Trinamool Congress Rajya Sabha MP Nadimul Haque among seven locations across Delhi, West Bengal's Kolkata and Jharkhand's Ranchi in connection with a money laundering case… https://t.co/AMJFJwUXK9 pic.twitter.com/L7QfrkZ914
— ANI (@ANI) September 7, 2026
जानकारी के मुताबिक, ईडी की टीमों ने सोमवार को कोलकाता, दिल्ली और रांची में कई परिसरों पर छापेमारी की। जांच एजेंसी की यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों से जुड़े दस्तावेज और वित्तीय लेनदेन की जानकारी जुटाने के उद्देश्य से की गई बताई जा रही है।
एक साथ तीन बड़े शहरों में की गई कार्रवाई के कारण मामला राजनीतिक और मीडिया जगत में चर्चा का विषय बन गया। खास बात यह है कि इस जांच से जुड़ी कंपनी के निदेशक नदीमुल हक सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद हैं।
फिलहाल छापेमारी के दौरान क्या दस्तावेज या अन्य सामग्री बरामद की गई, इसे लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
अखबार-ए-मशरिक प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक हैं हक
नदीमुल हक लंबे समय से पत्रकारिता और मीडिया कारोबार से जुड़े हुए हैं। वह अखबार-ए-मशरिक प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक हैं। कंपनी उर्दू भाषा में 'अखबार-ए-मशरिक' दैनिक का प्रकाशन करती है।
ईडी की जांच इसी अखबार और उससे संबंधित कंपनी से जुड़े मामले पर केंद्रित बताई जा रही है। जांच एजेंसी धन के लेनदेन और संबंधित वित्तीय रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है। छापेमारी के दौरान ऐसे मामलों में सामान्यतः बैंकिंग रिकॉर्ड, कंपनी से जुड़े दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन से संबंधित सामग्री की जांच की जाती है।
हालांकि, इस विशेष कार्रवाई में एजेंसी को क्या मिला है, इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
मनी लॉन्ड्रिंग एंगल की पड़ताल
ईडी मुख्य रूप से मनी लॉन्ड्रिंग यानी धनशोधन से जुड़े मामलों की जांच करती है। अधिकारियों ने बताया कि सोमवार की छापेमारी भी इसी तरह की जांच के तहत की गई है। जांच का उद्देश्य संदिग्ध वित्तीय लेनदेन से संबंधित तथ्यों को सामने लाना है।
इस मामले में एजेंसी की जांच किस मूल शिकायत या मामले के आधार पर शुरू हुई और कथित वित्तीय अनियमितताओं की राशि कितनी है, इसकी विस्तृत जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। आगे की जांच में इन पहलुओं को लेकर और तथ्य सामने आ सकते हैं।
नदीमुल हक की प्रतिक्रिया नहीं आई सामने
ईडी की कार्रवाई के बाद नदीमुल हक की तरफ से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। तृणमूल कांग्रेस ने भी शुरुआती तौर पर छापेमारी को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि हक या पार्टी इस कार्रवाई को लेकर क्या रुख अपनाते हैं। ईडी की जांच आगे बढ़ने और आधिकारिक विवरण सामने आने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो सकती हैं।
राजनीतिक हलकों में बढ़ी चर्चा
एक मौजूदा राज्यसभा सांसद से संबंधित कंपनी के खिलाफ जांच होने के कारण ईडी की कार्रवाई ने राजनीतिक हलकों में भी ध्यान खींचा है। नदीमुल हक तृणमूल कांग्रेस से जुड़े हैं, इसलिए मामले में पार्टी की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
पश्चिम बंगाल में केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाइयों को लेकर पहले भी सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच राजनीतिक टकराव देखने को मिलता रहा है। हालांकि मौजूदा मामले में टीएमसी की ओर से तत्काल कोई बयान सामने नहीं आया है।
इसलिए फिलहाल कार्रवाई को जांच एजेंसी द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की जा रही जांच के तौर पर ही देखा जा रहा है।
दस्तावेजों और लेनदेन पर जांच की नजर
मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों में वित्तीय रिकॉर्ड जांच का अहम हिस्सा होते हैं। कंपनी के खातों में धन कहां से आया, उसका इस्तेमाल कहां किया गया और विभिन्न पक्षों के बीच किस तरह के लेनदेन हुए, ऐसे पहलुओं की जांच एजेंसियां करती हैं।
अखबार-ए-मशरिक प्राइवेट लिमिटेड से संबंधित मामले में भी जांच का फोकस वित्तीय लेनदेन पर होने की संभावना है। छापेमारी से प्राप्त सामग्री की जांच के बाद ही एजेंसी आगे की कार्रवाई को लेकर फैसला कर सकती है।
आगे की कार्रवाई पर नजर
सोमवार की छापेमारी इस मामले में जांच का महत्वपूर्ण घटनाक्रम मानी जा रही है। कोलकाता से लेकर दिल्ली और रांची तक कई जगहों पर एक साथ तलाशी से यह संकेत मिलता है कि ईडी विभिन्न स्थानों से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है।
हालांकि किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ जांच या छापेमारी अपने आप में दोष सिद्ध नहीं करती। मामले में आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगी।
फिलहाल ईडी की ओर से छापेमारी के नतीजों और बरामद सामग्री के बारे में विस्तृत जानकारी का इंतजार है। इसके साथ ही टीएमसी सांसद नदीमुल हक और उनकी पार्टी की प्रतिक्रिया पर भी नजर रहेगी। आने वाले दिनों में जांच आगे बढ़ने के साथ मामले से जुड़े और तथ्य सामने आ सकते हैं।





