पश्चिम बंगाल

दुर्गा पूजा प्रीव्यू शो मामले में ED का दावा, ममता बनर्जी के खाते में करीब 30 लाख ट्रांसफर

Kavita2
2 Oct 2026 9:46 AM IST
दुर्गा पूजा प्रीव्यू शो मामले में ED का दावा, ममता बनर्जी के खाते में करीब 30 लाख ट्रांसफर
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कोलकाता। पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के ‘प्रीव्यू शो’ से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितता मामले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ा दावा किया है। एजेंसी के अनुसार पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन से जुड़ी प्रोपराइटरशिप फर्म ऑक्टेव रिकॉर्ड्स के बैंक खाते से पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खाते में करीब 30 लाख रुपये बैंकिंग माध्यम से ट्रांसफर किए गए थे। इंद्रनील सेन ने इस भुगतान को ‘रॉयल्टी’ बताया है। हालांकि ED ने अपने बयान में इस लेनदेन को लेकर ममता बनर्जी पर किसी आपराधिक भूमिका का आरोप नहीं लगाया है।

यह मामला दुर्गा पूजा के दौरान आयोजित किए गए कथित ‘प्रीव्यू शो’ और उनसे जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच से संबंधित है। ED यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन कार्यक्रमों के जरिए जुटाई गई रकम कहां से आई और उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया। जांच के दौरान कई बैंक खातों और वित्तीय दस्तावेजों की पड़ताल की गई है।

ED के मुताबिक जांच में सामने आया कि इंद्रनील सेन और उनकी प्रोपराइटरशिप फर्म ऑक्टेव रिकॉर्ड्स से जुड़े बैंक खातों में उनके कार्यकाल के दौरान 3.8 करोड़ रुपये से अधिक नकद जमा किए गए थे। एजेंसी का दावा है कि इसी फर्म के खाते से करीब 30 लाख रुपये ममता बनर्जी के बैंक खाते में भेजे गए। पूछताछ के दौरान सेन ने इसे रॉयल्टी से जुड़ा भुगतान बताया।

मामले की जांच के सिलसिले में ED ने हाल में इंद्रनील सेन और उनसे जुड़े लोगों के कई ठिकानों पर तलाशी ली थी। जांच एजेंसी ने 15 स्थानों पर कार्रवाई की थी, जिनमें सेन और उनके रिश्तेदारों से जुड़े ठिकाने भी शामिल बताए गए। तलाशी के बाद इंद्रनील सेन को कोलकाता स्थित ED कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया था।

यह जांच ‘मासआर्ट’ यानी महानिर्बान रोड मास आर्ट सोसाइटी से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं पर केंद्रित है। यह संस्था इंद्रनील सेन की पत्नी मधुछंदा सेन से जुड़ी बताई गई है। संस्था पर दुर्गा पूजा के प्रीव्यू शो के लिए आम लोगों से रकम जुटाने और यूनेस्को से आधिकारिक जुड़ाव होने का दावा करने के आरोपों की जांच की जा रही है।

आरोप है कि दुर्गा पूजा के प्रमुख पंडालों को आम लोगों के लिए औपचारिक रूप से खोले जाने से पहले दिखाने के नाम पर महंगे पास बेचे गए। जांच में इस बात की भी पड़ताल की जा रही है कि इन पासों से कितनी रकम जुटाई गई और वह रकम किन खातों में गई। ED धन के स्रोत और उसके इस्तेमाल की पूरी श्रृंखला समझने की कोशिश कर रही है।

जांच एजेंसी के सामने रॉयल्टी भुगतान का मुद्दा आने के बाद मामला राजनीतिक रूप से भी चर्चा में आ गया है। ममता बनर्जी लेखन, गीत और संगीत रचनाओं से भी जुड़ी रही हैं। तृणमूल कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि रॉयल्टी भुगतान को गलत संदर्भ में पेश नहीं किया जाना चाहिए। पार्टी के एक प्रवक्ता ने ED की कार्रवाई पर राजनीतिक पक्षपात का आरोप भी लगाया है। दूसरी ओर केंद्रीय एजेंसी ने अपनी जांच को वित्तीय लेनदेन और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की पड़ताल से जुड़ा बताया है।

महत्वपूर्ण बात यह है कि करीब 30 लाख रुपये के इस बैंक ट्रांसफर के संबंध में ED ने अभी ममता बनर्जी के खिलाफ किसी अपराध की पुष्टि नहीं की है। एजेंसी के बयान के अनुसार जांच में यह लेनदेन मिला और इंद्रनील सेन ने इसे रॉयल्टी भुगतान बताया। इसलिए फिलहाल इस राशि को कथित घोटाले की रकम के रूप में स्थापित नहीं किया गया है।

ED की जांच का मुख्य फोकस फिलहाल इंद्रनील सेन, उनसे जुड़ी संस्था और दुर्गा पूजा प्रीव्यू शो से जुड़े वित्तीय लेनदेन पर है। एजेंसी बैंक स्टेटमेंट, डिजिटल उपकरणों और दस्तावेजों की जांच कर रही है। तलाशी के दौरान डिजिटल डिवाइस और दस्तावेज जब्त किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।

इंद्रनील सेन से लंबी पूछताछ भी की गई है। जांच एजेंसी यह समझने की कोशिश कर रही है कि अलग-अलग खातों में जमा हुई रकम का स्रोत क्या था और किस आधार पर भुगतान किए गए। इसके साथ ही दुर्गा पूजा प्रीव्यू पास बेचने की व्यवस्था तथा संस्था की भूमिका की भी जांच जारी है।

मामले की शुरुआत एक पुलिस शिकायत से हुई थी, जिसके आधार पर आगे मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की गई। आरोपों में संस्था द्वारा यूनेस्को के नाम या पहचान का इस्तेमाल कर प्रीव्यू शो को प्रचारित करने का मामला भी शामिल है। हालांकि इन सभी आरोपों की अंतिम कानूनी स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

फिलहाल करीब 30 लाख रुपये के रॉयल्टी भुगतान का दावा इस जांच का नया पहलू बन गया है। ED दस्तावेजों और बैंकिंग लेनदेन की जांच आगे बढ़ा रही है, जबकि संबंधित पक्षों ने आरोपों पर अलग-अलग प्रतिक्रिया दी है। आने वाले दिनों में पूछताछ और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच के बाद मामले में और जानकारी सामने आ सकती है।

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