पश्चिम बंगाल

शुभेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण की चर्चा, बंगाल में राजनीतिक बदलाव के दावे तेज

Kavita2
9 May 2026 11:02 AM IST
शुभेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण की चर्चा, बंगाल में राजनीतिक बदलाव के दावे तेज
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West Bengal वेस्ट बंगाल: पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार को एक बड़े राजनीतिक मोड़ के रूप में चर्चाएं तेज हो गई हैं। विभिन्न रिपोर्ट्स और राजनीतिक सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि Suvendu Adhikari राज्य के पहले भाजपा मुख्यमंत्री के रूप में ब्रिगेड परेड ग्राउंड में शपथ ले सकते हैं। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अब तक किसी भी आधिकारिक स्रोत की पुष्टि सामने नहीं आई है।

दावों के अनुसार, कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड को इस कथित शपथ ग्रहण समारोह के लिए तैयार किया गया है। यह स्थान लंबे समय से पश्चिम बंगाल की राजनीतिक सभाओं और बड़े जन आंदोलनों का केंद्र रहा है। इसी मैदान में इस कथित “भगवा ताजपोशी” की चर्चा ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है।

सूत्रों के अनुसार, इस कथित राजनीतिक बदलाव के तहत भाजपा ने विधानसभा की 294 सीटों में से 207 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया है, जबकि तृणमूल कांग्रेस (TMC) को 80 सीटों पर संतोष करना पड़ा है। हालांकि इन आंकड़ों की भी आधिकारिक पुष्टि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है।

इस कथित शपथ ग्रहण समारोह में देश के प्रधानमंत्री Narendra Modi, केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah, एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, भाजपा के वरिष्ठ नेता और हजारों पार्टी कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक हलकों में इसे एक बड़े शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।

बताया जा रहा है कि इस कार्यक्रम में केवल मुख्यमंत्री ही नहीं, बल्कि राज्य के नए मंत्रिमंडल के गठन की भी तैयारी है। पार्टी नेताओं के अनुसार, कई नवनिर्वाचित विधायक भी मंत्रिपरिषद में शामिल हो सकते हैं और उन्हें भी शपथ दिलाई जा सकती है।

ब्रिगेड परेड ग्राउंड को लेकर यह भी कहा जा रहा है कि इसे लंबे समय से राजनीतिक रैलियों और विपक्षी आंदोलनों के प्रतीक स्थल के रूप में देखा जाता रहा है। ऐसे में यहां कथित शपथ ग्रहण की खबर ने राजनीतिक महत्व को और बढ़ा दिया है।

हालांकि संवैधानिक प्रक्रिया के अनुसार, किसी भी राज्य में मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण के लिए औपचारिक अधिसूचना, राज्यपाल की मंजूरी और विधानसभा में बहुमत का स्पष्ट समर्थन आवश्यक होता है। फिलहाल इस तरह की किसी भी आधिकारिक प्रक्रिया की पुष्टि सामने नहीं आई है।

राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की बड़ी राजनीतिक खबरों में आधिकारिक बयान और दस्तावेज सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। वर्तमान में जो जानकारी सामने आ रही है, वह मुख्य रूप से सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है।

तृणमूल कांग्रेस या भाजपा की ओर से भी इस कथित शपथ ग्रहण को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई है। ऐसे में स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं है और सभी की नजरें आधिकारिक घोषणा पर टिकी हुई हैं।

फिलहाल ब्रिगेड परेड ग्राउंड में कथित कार्यक्रम को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है, लेकिन वास्तविक स्थिति क्या है, यह आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।

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