पश्चिम बंगाल

सीधी उड़ान फिर से शुरू, भारत-चीन संबंधों में सुधार की दिशा में बड़ा कदम

SHIDDHANT
26 Oct 2025 10:01 PM IST
सीधी उड़ान फिर से शुरू, भारत-चीन संबंधों में सुधार की दिशा में बड़ा कदम
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Bangal बंगाल: भारत और चीन के बीच कोलकाता और ग्वांगझोउ के बीच सीधी उड़ान फिर से शुरू हो गई है। यह उड़ान पांच साल के निलंबन के बाद पुनः संचालित की गई है। इस अवसर पर आयोजित समारोह में चीन के कोलकाता स्थित डिप्टी कांसुल जनरल, क़िन योंग ने कहा कि यह दिन दोनों देशों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने समारोह में भाग लेते हुए कहा, "आज हम इस उड़ान के फिर से शुरू होने का जश्न मना रहे हैं। यह पहला कदम है जो हमारे राष्ट्रीय नेताओं के बीच हुए समझौते के फलस्वरूप सामने आया है। क़िन योंग ने आगे कहा कि भारत और चीन केवल प्रतिस्पर्धी नहीं बल्कि साझेदार हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि दोनों देशों को एक-दूसरे से सीखना चाहिए और व्यापार, पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए नए कदम उठाने चाहिए।

पिछले पांच वर्षों में, कोलकाता-ग्वांगझोउ मार्ग बंद था, जिससे व्यापार और पर्यटन गतिविधियों पर असर पड़ा। इस उड़ान के पुनः शुरू होने से न केवल व्यापारिक संबंधों में मजबूती आएगी, बल्कि सांस्कृतिक और लोगों के बीच संपर्क भी बढ़ेगा। क़िन योंग ने कहा कि यह कदम भारत-चीन संबंधों में सकारात्मक संकेत है और दोनों देशों के नागरिकों के लिए नई अवसरों के द्वार खोलेगा। इस अवसर पर अधिकारियों ने यह भी बताया कि उड़ान संचालन के साथ ही दोनों देशों के बीच सुरक्षा, वीज़ा और आवागमन प्रक्रिया को भी सरल बनाने के प्रयास तेज होंगे। चीन और भारत के बीच हाल के वर्षों में कूटनीतिक और आर्थिक क्षेत्र में कुछ तनावपूर्ण परिस्थितियां रहीं, लेकिन यह कदम दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की उड़ानों का फिर से संचालन अंतरराष्ट्रीय व्यापार, निवेश और पर्यटन को बढ़ावा देगा। कोलकाता हवाई अड्डा प्रशासन ने भी उड़ान के संचालन को लेकर सभी सुविधाओं और सुरक्षा प्रोटोकॉल को सुनिश्चित करने की घोषणा की। कुल मिलाकर, कोलकाता-ग्वांगझोउ सीधी उड़ान का पुनः संचालन भारत-चीन संबंधों में सुधार और सहयोग की दिशा में एक प्रतीकात्मक और व्यावहारिक कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के कदम आगे चलकर आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में मदद करेंगे।
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