पश्चिम बंगाल

हुगली मोसिन कॉलेज में वंदे मातरम हाउस की स्थापना की मांग

SHIDDHANT
9 Dec 2025 12:25 AM IST
हुगली मोसिन कॉलेज में वंदे मातरम हाउस की स्थापना की मांग
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Bangal बंगाल। हुगली मोसिन कॉलेज के प्राचार्य पुरुषोत्तम प्रमाणिक ने केंद्र और राज्य सरकार से अपील की है कि वे तत्काल वंदे मातरम के विकास के लिए कदम उठाएं और कॉलेज परिसर के केंद्र में वंदे मातरम हाउस की स्थापना करें। उन्होंने कहा कि यह वही स्थान है जहां बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने अपनी स्नातक की पढ़ाई पूरी की और राष्ट्रगान वंदे मातरम की रचना की। पुरुषोत्तम प्रमाणिक ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "हम चाहते हैं कि वंदे मातरम हाउस के निर्माण के साथ-साथ हुगली मोसिन कॉलेज के समग्र विकास के लिए भी ठोस उपाय किए जाएं। यह न केवल कॉलेज के छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत होगा, बल्कि देश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को भी संरक्षित करेगा।

प्राचार्य ने बताया कि वंदे मातरम हाउस में सांस्कृतिक और शैक्षणिक गतिविधियों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि कॉलेज में राष्ट्रगान और भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास से संबंधित स्थायी प्रदर्शनियों का आयोजन किया जाए। इससे छात्रों में देशभक्ति और इतिहास के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि कॉलेज के छात्र और स्थानीय समुदाय इस पहल का स्वागत करेंगे और इसे शैक्षणिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्व का कार्यक्रम माना जाएगा। पुरुषोत्तम प्रमाणिक ने जोर देकर कहा कि वंदे मातरम हाउस के निर्माण से कॉलेज की राष्ट्रीय पहचान और प्रतिष्ठा बढ़ेगी।

हुगली मोसिन कॉलेज में पहले भी कई सुधार और निर्माण कार्य हुए हैं, लेकिन प्राचार्य का मानना है कि अब विशेष रूप से वंदे मातरम हाउस के लिए सरकार को कदम उठाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के सहयोग से कॉलेज में नई पाठ्यक्रम सुविधाएं, पुस्तकालय विस्तार, और शोध केंद्र स्थापित किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा, "बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की विरासत को संरक्षित करना हमारी जिम्मेदारी है। वंदे मातरम हाउस के माध्यम से हम छात्रों और जनता को उनके योगदान के महत्व के प्रति जागरूक कर सकते हैं। इसके अलावा, पुरुषोत्तम प्रमाणिक ने सरकार से अपील की कि कॉलेज के इंफ्रास्ट्रक्चर, खेल सुविधाओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के विकास के लिए भी सहयोग किया जाए। उनका कहना है कि ये कदम छात्रों के सर्वांगीण विकास और सामाजिक योगदान में सहायक होंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि वंदे मातरम हाउस की स्थापना न केवल शैक्षणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होगी, बल्कि यह राष्ट्रीय गौरव और सांस्कृतिक धरोहर के संवर्धन में भी अहम भूमिका निभाएगी।
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