पश्चिम बंगाल

ऐतिहासिक नामों को बदलने पर West Bengal में मंथन

Saba Naaz
23 Jun 2026 8:12 PM IST
ऐतिहासिक नामों को बदलने पर West Bengal में मंथन
x

WESTBENGAL: कोलकाता में सड़क और सार्वजनिक स्थलों के नामकरण को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया विवाद शुरू हो गया है। सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम बदलकर ‘गोपाल मुखर्जी रोड’ किए जाने के बाद राज्य में इतिहास, विरासत और नामकरण नीति को लेकर बहस और तेज हो गई है। अब संकेत मिल रहे हैं कि कोलकाता सहित राज्य के अन्य हिस्सों में भी कई नामों की समीक्षा की जा सकती है।

यह मामला उस समय और गर्म हो गया जब राज्य सरकार की ओर से नामकरण की समीक्षा के लिए एक विशेष समिति के गठन की बात सामने आई। इस समिति की जिम्मेदारी कार्तिक महाराज को सौंपी गई है। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य बंगाल की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को प्राथमिकता देना है।

विधानसभा में इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि राज्य में किसी भी मुगल, पठान या ब्रिटिश शासक के नाम पर सड़कें या सार्वजनिक स्थल नहीं रहेंगे। साथ ही यह भी कहा गया कि केवल राष्ट्रवादी और देश के लिए योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को ही प्राथमिकता दी जाएगी। भगिनी निवेदिता और एपीजे अब्दुल कलाम जैसे नामों को उपयुक्त बताया गया।

इस मुद्दे पर विपक्ष ने भी सवाल उठाए हैं। विपक्ष के नेता रितब्रत बंद्योपाध्याय ने आरोप लगाया कि इतिहास को बदलने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम जिस व्यक्ति के नाम पर रखा गया था, उसे लेकर सरकार गलत व्याख्या कर रही है।

सरकार की ओर से जवाब में स्वतंत्रता सेनानी बीना दास का उल्लेख करते हुए कहा गया कि बंगाल के गौरवशाली इतिहास को सामने लाने के लिए नामकरण की समीक्षा जरूरी है। साथ ही जनता से भी सुझाव मांगे गए हैं ताकि नई समिति सभी प्रस्तावों पर विचार कर सके।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में कोलकाता समेत पूरे राज्य में कई सड़कों और सार्वजनिक स्थलों के नामों में बदलाव देखने को मिल सकता है, जिससे यह मुद्दा और अधिक राजनीतिक रूप ले सकता है।

Next Story