पश्चिम बंगाल

CPI(M) की ब्रिंदा कारात का SIR पर हमला

SHIDDHANT
15 Nov 2025 11:18 PM IST
CPI(M) की ब्रिंदा कारात का SIR पर हमला
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Bangal बंगाल: अन्य राज्यों में हाल ही में लागू हुए SIR (संपत्ति, पहचान और पंजीकरण) प्रक्रिया को लेकर CPI(M) नेता ब्रिंदा कारात ने तीखा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि SIR का उद्देश्य गरीब और पिछड़े वर्ग को मतदान से बाहर करना है और यह पूरी तरह से गैरकानूनी है। ब्रिंदा कारात ने हावड़ा में मीडिया से बात करते हुए कहा, “चुनाव आयोग ने SIR लागू किया है, जिसके तहत अब लोगों को यह साबित करना होगा कि वे वोटर हैं। यह पहले कभी नहीं हुआ। इससे विशेष रूप से गरीब और कमजोर वर्ग के मतदाताओं को बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।”
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा की ओर से सत्ता का दुरुपयोग कर विभिन्न चुनावी रणनीतियों का इस्तेमाल करना जनता के लिए गंभीर चुनौती पेश करता है। उन्होंने भरोसा जताया कि जनता इन चुनौतियों का सामना कर जीत हासिल करेगी। कारात ने SIR प्रक्रिया को लोकतंत्र के खिलाफ बताते हुए कहा कि यह सीधे तौर पर संविधान और चुनावी अधिकारों का उल्लंघन है।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग और केंद्र सरकार की ओर से किए गए यह प्रयास विपक्षी दलों के लिए भी गंभीर चिंता का विषय हैं। उनका कहना था कि गरीब और मध्यम वर्ग के लोग अक्सर प्रशासनिक और कानूनी पेचिदगियों के चलते अपने मताधिकार से वंचित हो सकते हैं। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि SIR जैसी प्रक्रियाओं को ठीक से लागू नहीं किया गया तो यह भविष्य में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए खतरा बन सकता है।
ब्रिंदा कारात ने कहा कि CPI(M) जनता और नागरिक समाज के साथ मिलकर इस प्रक्रिया के खिलाफ आवाज उठाएगी। उन्होंने सभी को जागरूक रहने और अपने मताधिकार की रक्षा करने की अपील की। उनके अनुसार, लोकतंत्र में मतदाता की भागीदारी सर्वोच्च है और इसे किसी भी प्रकार से सीमित नहीं किया जा सकता।
CPI(M) की इस टिप्पणी के बाद पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज होने की संभावना है। विपक्षी दल और सामाजिक संगठनों ने भी चेतावनी दी है कि यदि गरीबों और कमजोर वर्ग को मतदान से बाहर किया गया तो यह गंभीर राजनीतिक और न्यायिक विवाद का विषय बन सकता है।
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