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पश्चिम बंगाल
बंगाल में पुलिस और जनता के बीच बढ़ेगा तालमेल, सुवेंदु अधिकारी ने सराही पहल
Ratna Netam
29 Oct 2026 9:09 PM IST

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पश्चिम बंगाल : मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने आम नागरिकों और पुलिस के बीच संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से कोलकाता पुलिस की पहल का समर्थन किया है। मुख्यमंत्री ने पुलिस और जनता के बीच बेहतर संवाद, आपसी विश्वास तथा सहयोग को प्रभावी कानून-व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया। राज्य सरकार पुलिस व्यवस्था के आधुनिकीकरण, शिकायतों के त्वरित निपटारे, महिला सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं में सुधार पर ध्यान केंद्रित कर रही है। मुख्यमंत्री इससे पहले भी पुलिस अधिकारियों को नागरिकों की समस्याएं प्राथमिकता से सुनने और उन पर शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दे चुके हैं।कोलकाता, 29 अक्टूबर 2026। पश्चिम बंगाल में जनता और पुलिस के बीच आपसी विश्वास मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कोलकाता पुलिस की सामुदायिक सहभागिता से जुड़ी पहल का समर्थन किया है। इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य पुलिस को आम नागरिकों के अधिक करीब लाना, उनकी समस्याओं को समझना और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में जनता का सहयोग बढ़ाना है।मुख्यमंत्री ने अपने कार्यकाल में पुलिस प्रशासन को अधिक जवाबदेह और आधुनिक बनाने को प्राथमिकता दी है। उनका जोर इस बात पर रहा है कि पुलिसकर्मी नागरिकों की शिकायतों को गंभीरता से लें और आवश्यक कार्रवाई में अनावश्यक देरी न करें।
जनता और पुलिस के बीच विश्वास बढ़ाना जरूरी
पुलिस और आम लोगों के बीच बेहतर संबंध किसी भी प्रभावी कानून-व्यवस्था की बुनियाद माने जाते हैं। जब नागरिक बिना भय के पुलिस के सामने अपनी शिकायत रख पाते हैं, तो अपराध की सूचना मिलने और उसका समय पर समाधान करने की संभावनाएं बढ़ती हैं।कोलकाता पुलिस लंबे समय से सामुदायिक पुलिसिंग के माध्यम से नागरिकों के साथ संपर्क बढ़ाने के प्रयास करती रही है।इस तरह की पहल में पुलिस अधिकारियों और स्थानीय निवासियों के बीच नियमित संवाद, सुरक्षा संबंधी जागरूकता तथा सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से सहयोग को बढ़ावा दिया जाता है।मुख्यमंत्री के समर्थन को इसी व्यापक व्यवस्था के संदर्भ में देखा जा रहा है।
सामुदायिक पुलिसिंग की पुरानी परंपरा
कोलकाता पुलिस पहले से ही कई सामुदायिक कार्यक्रम संचालित करती रही है।इनमें 'प्रणाम', 'किरण', 'नवदिशा', 'सुकन्या' और 'तेजस्विनी' जैसी पहल शामिल हैं।इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विभिन्न आयु वर्गों और सामाजिक समूहों के साथ पुलिस का संपर्क मजबूत करना है।वरिष्ठ नागरिकों की सहायता, युवाओं में जागरूकता, महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक सहभागिता जैसे विषय इन गतिविधियों से जुड़े रहे हैं।कोलकाता पुलिस के आधिकारिक प्रकाशन में भी सामुदायिक पुलिसिंग को नागरिकों और पुलिस के बीच संबंध मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया गया है।
मुख्यमंत्री ने पुलिस सुधारों को दी प्राथमिकता
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सत्ता संभालने के बाद पुलिस व्यवस्था में सुधार के लिए कई कदमों की घोषणा की है।26 मई को उन्होंने कोलकाता पुलिस मुख्यालय लालबाजार का दौरा किया था। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर शहर की सुरक्षा, पुलिस आधुनिकीकरण और कर्मचारियों की आवश्यकताओं की समीक्षा की गई।मुख्यमंत्री ने पुलिस बल को आधुनिक उपकरणों और बेहतर संसाधनों से लैस करने की आवश्यकता पर जोर दिया।उन्होंने अधिकारियों से नागरिकों में विश्वास बढ़ाने और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने को कहा था।
शिकायतों के त्वरित समाधान के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अगस्त में कोलकाता के वाटगंज और इकबालपुर पुलिस थानों का औचक निरीक्षण किया था।इस दौरान उन्होंने शिकायत रजिस्टर, मामलों के रिकॉर्ड और थानों में उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की।उन्होंने पुलिस अधिकारियों से पूछा कि दर्ज शिकायतों पर क्या कार्रवाई की गई है।मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केवल शिकायत दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उस पर समयबद्ध कार्रवाई भी जरूरी है।उन्होंने महिला सहायता डेस्क और थानों की बुनियादी सुविधाओं का भी निरीक्षण किया।
आपातकालीन सहायता के लिए 112 सेवा का विस्तार
पश्चिम बंगाल सरकार ने पुलिस की आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ाने के लिए भी कदम उठाए हैं।10 अक्टूबर को मुख्यमंत्री ने कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम (ERSS-112) की शुरुआत की।इस अवसर पर पुलिस के लिए 450 चारपहिया वाहन और 450 मोटरसाइकिल उपलब्ध कराई गईं।मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य पुलिस का औसत आपातकालीन प्रतिक्रिया समय लगभग 90 मिनट था, जबकि कोलकाता पुलिस का प्रतिक्रिया समय करीब 10 से 15 मिनट बताया गया।उन्होंने इस समय को कम करने और जरूरतमंद लोगों तक पुलिस की सहायता जल्द पहुंचाने पर जोर दिया।सरकार का लक्ष्य पुलिस थानों को पर्याप्त वाहन और संसाधन उपलब्ध कराना है।
महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान
राज्य सरकार ने महिला सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी कई पहल की हैं।मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने जुलाई में पुलिस थानों में महिला सहायता डेस्क और 'दुर्गा सुरक्षा स्क्वॉड' की शुरुआत की थी।इनका उद्देश्य महिलाओं की शिकायतों के समाधान और सुरक्षा संबंधी सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना है।इसके अलावा पुलिसकर्मियों को साइबर अपराध से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण देने की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया।सरकार ने पुलिस थानों में साइबर सहायता डेस्क विकसित करने की पहल भी की है।
300 पुलिस थानों को मॉडल स्टेशन बनाने की योजना
मुख्यमंत्री ने सितंबर में घोषणा की थी कि राज्य के 300 पुलिस थानों को मॉडल पुलिस स्टेशनों के रूप में विकसित किया जा रहा है।इस योजना के तहत थानों की बुनियादी सुविधाओं में सुधार और कर्मचारियों के लिए बेहतर कार्य वातावरण तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।उन्होंने पुलिस बल में नई भर्तियों, आधुनिक प्रशिक्षण और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता पर भी जोर दिया।मुख्यमंत्री का कहना रहा है कि बेहतर पुलिस व्यवस्था के लिए संसाधनों के साथ कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाना भी जरूरी है।
पुलिस और जनता के बीच संवाद से अपराध नियंत्रण में मदद
सामुदायिक पुलिसिंग का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य अपराध रोकने में नागरिकों की भागीदारी बढ़ाना है।स्थानीय लोगों और पुलिस के बीच संवाद बेहतर होने से संदिग्ध गतिविधियों, साइबर धोखाधड़ी और सार्वजनिक सुरक्षा से संबंधित जानकारी समय पर साझा की जा सकती है।इसके अतिरिक्त वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े विषयों पर जागरूकता बढ़ाई जा सकती है।पुलिस की जवाबदेही और शिकायतों के निष्पक्ष निपटारे से नागरिकों का भरोसा मजबूत होने की संभावना रहती है।
नागरिक सुरक्षा को लेकर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पुलिस अधिकारियों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ नागरिकों की समस्याओं को संवेदनशीलता से समझने की अपेक्षा जताई है।राज्य सरकार के सामने पुलिसकर्मियों की कमी, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता, आपातकालीन प्रतिक्रिया और शिकायत निवारण जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं।इन समस्याओं का समाधान पुलिस प्रशासन के साथ नागरिकों के बेहतर तालमेल पर भी निर्भर करता है।कोलकाता पुलिस की सामुदायिक पहल का व्यापक उद्देश्य जनता और पुलिस के बीच विश्वास मजबूत करना है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की पुलिस सुधार संबंधी घोषणाओं के बीच यह महत्वपूर्ण होगा कि नागरिकों को शिकायतों के समाधान, आपातकालीन सहायता और सुरक्षा सेवाओं में कितना व्यावहारिक सुधार दिखाई देता है।
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