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पश्चिम बंगाल
ठेका कर्मचारियों ने पांच महीने बकाया वेतन के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया
SHIDDHANT
20 Jan 2026 11:05 PM IST

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Bangal बंगाल: शहर के सरकारी और निजी विभागों में काम कर रहे ठेका आधार पर नियुक्त अस्थायी कर्मचारियों ने अपने बकाया वेतन और अन्य रोजगार सुविधाओं की मांग को लेकर मंगलवार से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि पिछले पांच महीनों से लगभग 40 लोग अपनी मेहनताना नहीं प्राप्त कर पाए हैं, जबकि जिन कर्मचारियों को वेतन मिला, उनमें कटौती की गई। धरना स्थल पर एक कर्मचारी ने आईएएनएस को बताया, "हम यहां बैठकर प्रदर्शन कर रहे हैं। पिछले पांच महीने से लगभग 40 लोगों को वेतन नहीं मिला है। जिन्होंने वेतन प्राप्त किया, उनमें भी कटौती की गई। पीएफ और ईएसआई की सुविधाएं नहीं दी गई हैं। यही वजह है कि हम अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। हम किराए पर रहते हैं, छोटे बच्चे हैं, और हमारे बीच कई विधवाएं हैं, जिन्हें लंबे समय से भुगतान नहीं मिला। जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं, हम इस संघर्ष को समाप्त नहीं करेंगे।
कर्मचारियों ने कहा कि उनके काम की प्रकृति अस्थायी होने के बावजूद उन्हें स्थायी कर्मचारियों जैसी मूलभूत सुविधाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि सभी कर्मचारियों का बकाया वेतन तुरंत भुगतान किया जाए और भविष्य में वेतन नियमित रूप से दिया जाए। इसके अलावा, पीएफ और ईएसआई जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं का भी तत्काल प्रावधान किया जाए। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि धरना स्थलों पर कर्मचारियों की संख्या बढ़ती जा रही है और प्रशासन ने उनकी समस्याओं को संबंधित विभागों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है। अधिकारियों ने कहा कि विभागीय स्तर पर मामले की जांच शुरू की गई है और कर्मचारियों के बकाया वेतन का भुगतान जल्द से जल्द सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
धरने में शामिल कर्मचारियों ने यह भी बताया कि कई परिवार किराए पर रहकर जीविका चला रहे हैं, और छोटे बच्चों वाले माता-पिता और विधवाओं के लिए आर्थिक स्थिति गंभीर हो गई है। उन्होंने कहा कि पिछले महीनों से उनकी वित्तीय परेशानियों के कारण बच्चों की पढ़ाई और दैनिक जीवनयापन प्रभावित हो रहा है। धरना स्थल पर सामाजिक कार्यकर्ता और कुछ स्थानीय नेता भी पहुंचे, जिन्होंने कर्मचारियों के समर्थन में नारे लगाए और अधिकारियों से तुरंत कार्रवाई करने की मांग की। उनका कहना था कि ठेका कर्मचारियों के अधिकारों की अनदेखी लंबे समय से हो रही है और इसे अनदेखा नहीं किया जा सकता।
कर्मचारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो वे आंदोलन के स्वरूप को और बढ़ा सकते हैं, जिसमें व्यापक प्रदर्शन और कार्यालयों का बहिष्कार भी शामिल हो सकता है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि वे मीडिया और सामाजिक प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपनी समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने की तैयारी कर रहे हैं। स्थानीय प्रशासन ने कर्मचारियों से बातचीत जारी रखते हुए कहा कि मामले को गंभीरता से देखा जा रहा है और बकाया वेतन और सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं के लिए ठोस कार्रवाई जल्द की जाएगी। अधिकारियों ने कर्मचारियों से संयम बनाए रखने और शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें रखने का आग्रह किया।
विशेषज्ञों का कहना है कि ठेका और अस्थायी कर्मचारियों के लिए उचित वेतन और सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं का अभाव लंबे समय में श्रम विवाद और सामाजिक अस्थिरता को बढ़ा सकता है। उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभागों से कहा कि ठेका कर्मचारियों के अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट नीति और नियमित निगरानी की आवश्यकता है। इस प्रकार, मालदा में ठेका आधार पर काम करने वाले अस्थायी कर्मचारियों का यह अनिश्चितकालीन धरना उनके बकाया वेतन, पीएफ और ईएसआई जैसी मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर प्रशासन और संबंधित विभागों के लिए एक गंभीर चुनौती बन गया है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका यह संघर्ष जारी रहेगा और वे अपनी आवाज को प्रभावी रूप से बुलंद करते रहेंगे।
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