पश्चिम बंगाल

कोल इंडिया कर्मियों को मिलेगा 1.10 लाख रुपये बोनस, 15 अक्टूबर तक खाते में आएगी राशि

Kavita2
4 Oct 2026 9:40 AM IST
कोल इंडिया कर्मियों को मिलेगा 1.10 लाख रुपये बोनस, 15 अक्टूबर तक खाते में आएगी राशि
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कोलकाता। कोल इंडिया और उसकी अनुषंगी कंपनियों में काम करने वाले करीब दो लाख से अधिक कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर है। कोयला कर्मियों को इस वर्ष बोनस यानी परफॉर्मेंस लिंक्ड रिवार्ड (PLR) के रूप में 1 लाख 10 हजार 250 रुपये का भुगतान किया जाएगा। शनिवार को कोलकाता में आयोजित कोल इंडिया एपेक्स जेसीसी (संयुक्त सलाहकार समिति) की बैठक में बोनस की राशि पर सहमति बन गई। तय राशि का भुगतान कर्मचारियों को 15 अक्टूबर तक कर दिया जाएगा।

बोनस को लेकर कोयला कर्मचारियों और श्रमिक संगठनों की लंबे समय से नजर बैठक पर टिकी हुई थी। आखिरकार प्रबंधन और श्रमिक संगठनों के बीच हुई चर्चा के बाद 1,10,250 रुपये के भुगतान पर सहमति बनी। इससे कोल इंडिया और उसकी विभिन्न सहायक कंपनियों में कार्यरत लगभग 2 लाख 1 हजार कर्मचारियों को फायदा मिलने की बात सामने आई है।

बोनस के भुगतान पर कंपनी को करीब दो हजार करोड़ रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं। कर्मचारियों की संख्या और प्रत्येक पात्र कर्मचारी को मिलने वाली राशि को देखते हुए बोनस का कुल बजट लगभग दो हजार करोड़ रुपये के आसपास रहने की उम्मीद है। इतनी बड़ी राशि कर्मचारियों के बीच वितरित होने से कोयला क्षेत्रों के स्थानीय बाजारों में भी त्योहारी सीजन के दौरान आर्थिक गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बोनस के भुगतान की समयसीमा भी तय कर दी गई है। कर्मचारियों को 15 अक्टूबर तक बोनस की राशि का भुगतान किया जाएगा। त्योहारी सीजन के दौरान बोनस मिलने से कर्मचारियों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। अक्टूबर में त्योहारों को देखते हुए कर्मचारियों के बीच बोनस को लेकर उत्सुकता बनी हुई थी।

कोल इंडिया एपेक्स जेसीसी की बैठक में कर्मचारियों के बोनस का मुद्दा प्रमुख रूप से शामिल रहा। प्रबंधन और श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच चर्चा के बाद आखिरकार भुगतान की राशि पर सहमति बनी। कोयला उद्योग में हर साल बोनस का मुद्दा कर्मचारियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहता है। देश के अलग-अलग कोयला क्षेत्रों में हजारों कर्मचारी इस फैसले का इंतजार करते हैं।

कोल इंडिया देश की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी है और इसकी कई अनुषंगी कंपनियां अलग-अलग राज्यों में कोयला उत्पादन का काम करती हैं। इन कंपनियों में बड़ी संख्या में नियमित कर्मचारी कार्यरत हैं। खदानों से लेकर तकनीकी, परिवहन, मशीनरी और अन्य संबंधित कार्यों में लगे कर्मचारियों का कोयला उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान रहता है।

करीब 2.01 लाख कोयला कर्मियों के बीच 1.10 लाख रुपये से अधिक की बोनस राशि वितरित होने से झारखंड, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, ओडिशा, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र समेत विभिन्न कोयला उत्पादक क्षेत्रों में इसका आर्थिक असर देखने को मिल सकता है। कोयला कंपनियों के आसपास विकसित शहरों और बाजारों की अर्थव्यवस्था में कर्मचारियों की आय और खर्च की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

त्योहारी सीजन में बड़ी बोनस राशि मिलने पर ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़ा, ज्वेलरी और घरेलू सामान से जुड़े बाजारों में खरीदारी बढ़ सकती है। कोयला क्षेत्रों में हर साल बोनस भुगतान के समय बाजारों में कारोबार बढ़ने की उम्मीद रहती है। इस बार भी लगभग दो हजार करोड़ रुपये की राशि कर्मचारियों तक पहुंचने के कारण स्थानीय कारोबारियों को बेहतर बिक्री की उम्मीद हो सकती है।

बोनस को परफॉर्मेंस लिंक्ड रिवार्ड यानी PLR के रूप में दिया जाएगा। इसका उद्देश्य कर्मचारियों के योगदान और कंपनी के प्रदर्शन से उन्हें जोड़ना है। कोयला उत्पादन जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए बोनस आर्थिक लाभ के साथ उनके योगदान की पहचान के रूप में भी देखा जाता है।

कोयला खदानों में कर्मचारियों को कठिन परिस्थितियों में काम करना पड़ता है। भूमिगत और खुली खदानों में उत्पादन जारी रखने से लेकर मशीनों के संचालन, सुरक्षा और कोयले की आपूर्ति सुनिश्चित करने तक हजारों कर्मचारी अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाते हैं। ऐसे में बोनस की घोषणा का इंतजार कोयला क्षेत्रों में हर साल बड़ी संख्या में कर्मचारी करते हैं।

शनिवार की बैठक में बनी सहमति के बाद अब कर्मचारियों का ध्यान भुगतान पर रहेगा। 15 अक्टूबर तक राशि जारी करने का निर्णय होने से कर्मचारियों को त्योहारी खर्च की योजना बनाने का पर्याप्त समय मिल सकेगा। अलग-अलग अनुषंगी कंपनियों में भुगतान की प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद पात्र कर्मचारियों तक राशि पहुंचाई जाएगी।

कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनियों में ईस्टर्न कोलफील्ड्स, भारत कोकिंग कोल, सेंट्रल कोलफील्ड्स, वेस्टर्न कोलफील्ड्स, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स, नॉर्दर्न कोलफील्ड्स और महानदी कोलफील्ड्स जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल हैं। इन कंपनियों के विभिन्न क्षेत्रों में बड़ी संख्या में कोयला कर्मचारी कार्यरत हैं।

बोनस की घोषणा का प्रभाव विशेष रूप से उन शहरों और कस्बों में दिखाई दे सकता है, जिनकी स्थानीय अर्थव्यवस्था काफी हद तक कोयला उद्योग पर निर्भर है। बोनस की रकम बाजार में आने से खरीदारी बढ़ने के साथ छोटे कारोबारियों और सेवा क्षेत्र को भी लाभ मिल सकता है।

लगभग 2 लाख 1 हजार कर्मचारियों के लिए यह फैसला आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण है। प्रत्येक पात्र कर्मचारी को 1 लाख 10 हजार 250 रुपये मिलने के कारण कुल भुगतान का आकार काफी बड़ा होगा। करीब दो हजार करोड़ रुपये के अनुमानित बजट के साथ यह कोयला उद्योग के बड़े बोनस भुगतानों में शामिल होगा।

फिलहाल कोलकाता में हुई एपेक्स जेसीसी की बैठक में सहमति बनने के बाद बोनस को लेकर कर्मचारियों का इंतजार खत्म हो गया है। अब 15 अक्टूबर तक भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जानी है। त्योहारी सीजन से ठीक पहले मिलने वाले 1,10,250 रुपये के बोनस से लाखों कोयला कर्मियों और उनके परिवारों में खुशी का माहौल रहने की उम्मीद है।

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