पश्चिम बंगाल

कोलकाता भगदड़ के पीड़ित परिवारों से मिले CM सुवेंदु अधिकारी

Kavita2
20 Oct 2026 4:12 PM IST
कोलकाता भगदड़ के पीड़ित परिवारों से मिले CM सुवेंदु अधिकारी
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कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मंगलवार, 20 अक्टूबर को कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान हुई भीषण भगदड़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने इस दर्दनाक हादसे में मारे गए तीन लोगों के शोक संतप्त परिवारों को 25-25 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता राशि सौंपी। उन्होंने पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया। उत्तरी कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में 17 अक्टूबर की शाम हुई भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि लगभग 25 लोग घायल हुए थे। इस घटना के बाद राज्य सरकार ने मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी देने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को प्रभावित परिवारों से व्यक्तिगत मुलाकात कर उनकी पीड़ा साझा की और सरकार की ओर से सहायता प्रदान की।

मां-बेटे के परिवार से मिलने पहुंचे मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी सबसे पहले पूर्व बर्धमान जिले पहुंचे। यहां उन्होंने भगदड़ में जान गंवाने वाली 37 वर्षीय टोगोर बेज और उनके 14 वर्षीय बेटे संदीप बेज के परिवार से मुलाकात की।

मां और बेटे की एक साथ मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिजनों से बातचीत कर उन्हें सांत्वना दी और इस कठिन समय में राज्य सरकार की ओर से पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया।

उन्होंने दोनों मृतकों के परिजनों को घोषित आर्थिक सहायता राशि सौंपी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए प्रतिबद्ध है।

हुगली में तीसरे मृतक के परिवार से की मुलाकात

पूर्व बर्धमान के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी हुगली जिले के आरामबाग पहुंचे। यहां उन्होंने भगदड़ में जान गंवाने वाली पियाली प्रामाणिक के परिवार से मुलाकात की।

पियाली प्रामाणिक, टोगोर बेज की रिश्तेदार थीं। इस तरह भगदड़ में एक ही विस्तारित परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई थी।

मुख्यमंत्री ने परिवार को सांत्वना देते हुए 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की। उन्होंने कहा कि इस तरह की क्षति की भरपाई किसी भी आर्थिक सहायता से नहीं की जा सकती, लेकिन सरकार पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराएगी।

मुख्यमंत्री ने जताया गहरा दुख

पीड़ित परिवारों से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि इस त्रासदी में जान गंवाने वाले लोगों को वापस नहीं लाया जा सकता और परिवारों के दुख को शब्दों में व्यक्त करना कठिन है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और उन्हें आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं बेहद दुखद हैं और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाना जरूरी है।

भगदड़ में 19 लोगों की मौत, 25 घायल

उत्तरी कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार, 17 अक्टूबर की शाम भारी भीड़ के बीच भगदड़ मच गई थी।

घटना के समय दुर्गा पूजा के महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंडाल में दर्शन के लिए पहुंचे थे। अचानक बारिश होने के कारण लोगों में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।

इसी दौरान भीड़ का दबाव बढ़ने से कई लोग नीचे गिर गए और भगदड़ मच गई। हादसे में 19 लोगों की जान चली गई, जबकि करीब 25 लोग घायल हुए।

घटना के बाद पुलिस और बचाव दल ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। कई लोगों को कोलकाता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया।

मृतकों के परिवार को सरकारी नौकरी देने की घोषणा

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने हादसे के बाद मृतकों के परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की थी।

सरकार ने प्रत्येक मृतक के परिवार को 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने के साथ परिवार के एक सदस्य को ग्रुप-डी श्रेणी में सरकारी नौकरी देने का भी ऐलान किया है।

इसके अलावा घायल व्यक्तियों को पांच-पांच लाख रुपये की सहायता और उनके इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन करने की घोषणा की गई है।

सरकार की ओर से घोषित यह सहायता प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहारा देने के उद्देश्य से है।

भगदड़ की जांच में सामने आई गंभीर खामियां

चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ की जांच के दौरान भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित कई कमियां सामने आई हैं।

प्रारंभिक जांच के अनुसार, पंडाल में आपातकालीन निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। प्रवेश और निकास मार्गों पर भीड़ को नियंत्रित करने में भी गंभीर समस्याएं थीं।

बताया गया कि भारी बारिश के बीच एक घोषणा के कारण लोगों में घबराहट फैल गई थी। इसके बाद श्रद्धालु तेजी से बाहर निकलने की कोशिश करने लगे।

पुलिस, निजी सुरक्षाकर्मियों और स्वयंसेवकों के बीच समन्वय की कमी को भी जांच में महत्वपूर्ण माना गया है।

सात आरोपियों को हिरासत में लेकर जांच तेज

इस मामले में पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें आयोजन और सुरक्षा प्रबंधन से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।

अदालत ने गिरफ्तार आरोपियों को पूछताछ के लिए दस दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा है।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि पंडाल में निर्धारित सुरक्षा व्यवस्था का पालन किया गया था या नहीं और भगदड़ रोकने के लिए पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए गए।

मुख्यमंत्री ने घटना की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

दुर्गा पूजा पंडालों की सुरक्षा पर विशेष जोर

कोलकाता की इस दुखद घटना के बाद अन्य दुर्गा पूजा पंडालों में भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के प्रयास शुरू किए गए हैं।

श्रद्धालुओं के प्रवेश और निकास को व्यवस्थित करने, आपातकालीन रास्तों को खुला रखने और स्वयंसेवकों की संख्या बढ़ाने जैसे उपायों पर जोर दिया जा रहा है।

इसके अलावा पंडालों में बेहतर रोशनी, लगातार सूचना प्रसारण और भीड़ को छोटे समूहों में प्रवेश देने की व्यवस्था पर ध्यान दिया जा रहा है।

प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के बावजूद सुरक्षित ढंग से दर्शन कराए जा सकें।

हादसे के बाद परिवारों में गहरा शोक

दुर्गा पूजा के उत्सव के बीच हुई इस त्रासदी ने पश्चिम बंगाल के कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। मां और बेटे सहित एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत ने इस हादसे को और भी हृदयविदारक बना दिया।

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की पीड़ित परिवारों से मुलाकात और आर्थिक सहायता वितरण को राहत कार्यों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

हालांकि, पीड़ित परिवारों के लिए सबसे बड़ा सवाल हादसे के कारणों और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई का है।

फिलहाल राज्य सरकार ने आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी देने का आश्वासन दिया है। वहीं, जांच एजेंसियां घटना के कारणों का पता लगाने में जुटी हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

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