पश्चिम बंगाल

Chandrima Bhattacharya अब नहीं जाएंगी कालीघाट

Saba Naaz
4 July 2026 3:48 PM IST
Chandrima Bhattacharya अब नहीं जाएंगी कालीघाट
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पश्चिम बंगाल: राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जहां तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य ने अपने सभी सांगठनिक पदों से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस फैसले के बाद पार्टी में हलचल तेज हो गई है और इसे ममता बनर्जी के लिए एक और बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, चंद्रिमा भट्टाचार्य ने पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी को एक पत्र भेजकर अपने इस्तीफे की जानकारी दी। उन्होंने केवल प्रदेश अध्यक्ष पद ही नहीं छोड़ा, बल्कि सभी सांगठनिक जिम्मेदारियों, बैंक खातों के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता (Authorized Signatory) के अधिकार और चुनाव आयोग में अधिकृत प्रतिनिधि की भूमिका से भी खुद को अलग कर लिया है। उनके इस फैसले ने पार्टी संगठन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। चंद्रिमा भट्टाचार्य को कुछ समय पहले ही सुब्रत बख्शी की जगह टीएमसी का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। यह बदलाव पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में पार्टी के खराब प्रदर्शन और अंदरूनी असंतोष के बाद किया गया था। लेकिन पद संभालने के कुछ ही समय बाद उनका इस्तीफा सामने आना पार्टी के भीतर बढ़ती गुटबाजी और असंतोष को दर्शाता है।

बताया जा रहा है कि विधानसभा चुनाव में दमदम उत्तर सीट से हार के बावजूद चंद्रिमा भट्टाचार्य को संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन वे एक महीने से भी कम समय में पद से हट गईं। इससे पहले भी पार्टी में कई स्तरों पर असंतोष और टूट की खबरें सामने आती रही हैं। पार्टी के अंदरूनी हालात को और चुनौतीपूर्ण बताते हुए कहा जा रहा है कि कई विधायक पहले ही अलग गुटों में शामिल हो चुके हैं। इसी बीच चंद्रिमा का इस्तीफा टीएमसी की संगठनात्मक स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

वर्तमान में पार्टी पहले से ही राजनीतिक और कानूनी चुनौतियों का सामना कर रही है। बताया जा रहा है कि आंतरिक विवादों और गुटबाजी के कारण संगठन कमजोर होता दिख रहा है। चंद्रिमा भट्टाचार्य के इस फैसले के बाद टीएमसी नेतृत्व पर दबाव और बढ़ गया है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम आने वाले समय में पश्चिम बंगाल की राजनीति को और अधिक प्रभावित कर सकता है।

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