पश्चिम बंगाल

बंगाल उपचुनाव में भाजपा की बड़ी जीत, नंदीग्राम में हासिरानी रथ ने 1.22 लाख वोटों से मारी बाजी

Kavita2
9 Oct 2026 5:23 PM IST
बंगाल उपचुनाव में भाजपा की बड़ी जीत, नंदीग्राम में हासिरानी रथ ने 1.22 लाख वोटों से मारी बाजी
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कोलकाता। पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने बड़ी सफलता हासिल की है। नंदीग्राम में भाजपा प्रत्याशी हासिरानी रथ ने 1,22,753 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की है। वहीं, मुस्लिम बहुल रेजीनगर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार शाखारभ सरकार की जीत का अंतर 75,748 वोट बताया गया है। दोनों सीटों पर छह अक्टूबर को मतदान हुआ था, जबकि शुक्रवार को मतगणना हुई।

नंदीग्राम में हासिरानी रथ की जीत की पुष्टि शुक्रवार को जारी चुनाव परिणाम संबंधी रिपोर्ट में हुई है। रेजीनगर में भी भाजपा ने मजबूत प्रदर्शन किया। दोनों सीटों के नतीजे पश्चिम बंगाल की राजनीति में चर्चा का विषय बने हुए हैं।

नंदीग्राम में भाजपा की बड़ी जीत

नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार हासिरानी रथ ने कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को बड़े अंतर से हराया। मतगणना के शुरुआती दौर से ही हासिरानी रथ बढ़त बनाए हुए थीं। जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ी, भाजपा की बढ़त भी बढ़ती गई।

नंदीग्राम पश्चिम बंगाल की राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण विधानसभा सीट है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के इस सीट को छोड़ने के बाद यहां उपचुनाव कराना पड़ा था। उन्होंने विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों पर जीत हासिल की थी। बाद में भवानीपुर सीट अपने पास रखी और नंदीग्राम से इस्तीफा दे दिया।

इसके बाद नंदीग्राम में उपचुनाव की स्थिति बनी। भाजपा ने हासिरानी रथ को मैदान में उतारा, जबकि कांग्रेस की ओर से मिलन प्रधान चुनाव लड़ रहे थे। मतगणना के दौरान दोनों उम्मीदवारों के बीच बड़ा अंतर दिखाई दिया।

मुस्लिम बहुल रेजीनगर में भी भाजपा को सफलता

नंदीग्राम के साथ रेजीनगर विधानसभा क्षेत्र का चुनाव परिणाम भी चर्चा में है। यहां भाजपा उम्मीदवार शाखारभ सरकार ने बड़ी जीत दर्ज की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनकी जीत का अंतर 75,748 वोट रहा।

रेजीनगर को मुस्लिम बहुल विधानसभा क्षेत्र माना जाता है। दिए गए विवरण के अनुसार, यहां मुस्लिम आबादी लगभग 74 प्रतिशत है। ऐसे क्षेत्र में भाजपा की जीत को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज है।

हालांकि, किसी विधानसभा क्षेत्र की कुल आबादी की धार्मिक संरचना और वास्तविक मतदान के आंकड़े अलग-अलग विषय हैं। इसलिए केवल जनसंख्या के अनुपात के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि किस समुदाय के कितने मतदाताओं ने किस उम्मीदवार को वोट दिया।

रेजीनगर में भाजपा के मुकाबले आम जनता उन्नयन पार्टी, कांग्रेस और अन्य दलों के उम्मीदवार भी मैदान में थे। मतगणना के दौरान भाजपा प्रत्याशी ने बड़ी बढ़त बनाई।

हुमायूं कबीर के सीट छोड़ने से हुआ उपचुनाव

रेजीनगर विधानसभा सीट आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। उन्होंने विधानसभा चुनाव में रेजीनगर और नौदा दोनों सीटों पर जीत हासिल की थी। बाद में उन्होंने नौदा सीट अपने पास रखने का फैसला किया और रेजीनगर विधानसभा सीट छोड़ दी।

इस कारण निर्वाचन आयोग को रेजीनगर में उपचुनाव कराना पड़ा। हुमायूं कबीर की पार्टी ने उनके बेटे गुलाम नबी आजाद को उम्मीदवार बनाया था। वहीं, भाजपा ने शाखारभ सरकार को चुनाव मैदान में उतारा।

रेजीनगर में कई राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों के बीच मुकाबला हुआ। मतगणना के शुरुआती चरणों से ही भाजपा प्रत्याशी बढ़त बनाए हुए थे।

छह अक्टूबर को दोनों सीटों पर हुआ था मतदान

पश्चिम बंगाल की दोनों विधानसभा सीटों पर छह अक्टूबर को मतदान कराया गया था। नंदीग्राम और रेजीनगर में उपचुनाव के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों ने अपने उम्मीदवार उतारे थे।

मतदान के बाद शुक्रवार को मतगणना शुरू हुई। शुरुआती रुझानों में ही भाजपा दोनों विधानसभा क्षेत्रों में आगे निकल गई थी। नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान भाजपा प्रत्याशी से पीछे रहे, जबकि रेजीनगर में भी भाजपा ने अपने प्रतिद्वंद्वियों पर बढ़त बनाई।

चुनाव के दौरान विपक्षी दलों की ओर से मतदान संबंधी अनियमितताओं के आरोप भी लगाए गए थे। भाजपा ने इन आरोपों को खारिज किया था। ऐसे आरोपों को चुनाव परिणाम से अलग रखते हुए संबंधित प्रमाणों और निर्वाचन अधिकारियों की जांच के आधार पर ही परखा जा सकता है।

पश्चिम बंगाल की राजनीति में नतीजों पर चर्चा

दोनों विधानसभा क्षेत्रों के परिणामों को पश्चिम बंगाल के राजनीतिक घटनाक्रम के संदर्भ में देखा जा रहा है। राज्य में भाजपा की सरकार बनने के बाद ये उपचुनाव महत्वपूर्ण चुनावी घटनाओं में शामिल रहे।

नंदीग्राम सीट मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे के कारण खाली हुई थी। वहीं, रेजीनगर सीट हुमायूं कबीर के दूसरी विधानसभा सीट अपने पास रखने के फैसले के बाद रिक्त हुई थी।

इन दोनों क्षेत्रों में भाजपा उम्मीदवारों की सफलता के बाद राजनीतिक दलों के प्रदर्शन और स्थानीय चुनावी समीकरणों पर चर्चा हो रही है।

हालांकि, दो विधानसभा क्षेत्रों के नतीजों के आधार पर पूरे राज्य के मतदाताओं की राजनीतिक प्राथमिकताओं के बारे में व्यापक निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। इसके लिए अन्य क्षेत्रों के चुनावी आंकड़ों और मतदाताओं के रुझान का अलग से अध्ययन जरूरी है।

दोनों सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों का दबदबा

नंदीग्राम में हासिरानी रथ ने 1,22,753 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। वहीं, रेजीनगर में शाखारभ सरकार की जीत का अंतर उपलब्ध विवरण के अनुसार 75,748 वोट रहा।

नंदीग्राम का परिणाम भाजपा के लिए एक बड़ी चुनावी सफलता है। वहीं, रेजीनगर में पार्टी का प्रदर्शन इसलिए चर्चा में है क्योंकि इस क्षेत्र में मुस्लिम आबादी का अनुपात अधिक बताया जाता है।

इन उपचुनावों के साथ पश्चिम बंगाल की दो महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों पर नए प्रतिनिधियों के चयन की प्रक्रिया पूरी हुई है। दोनों सीटों पर छह अक्टूबर को मतदान हुआ था और नौ अक्टूबर को मतगणना हुई।

इन नतीजों के बाद राज्य की राजनीति में भाजपा, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के चुनावी प्रदर्शन पर चर्चा जारी है।

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