पश्चिम बंगाल

कोलकाता में भगवद गीता कार्यक्रम सुवेंदु अधिकारी ने धार्मिक स्वतंत्रता पर दिया संदेश

Ratna Netam
27 Sept 2026 7:09 PM IST
कोलकाता में भगवद गीता कार्यक्रम सुवेंदु अधिकारी ने धार्मिक स्वतंत्रता पर दिया संदेश
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कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने रविवार को नागरिकों से कहा कि वे बिना किसी डर या हिचकिचाहट के भगवद गीता का पाठ करें। कोलकाता में आयोजित भगवद गीता पाठ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में हालात बदल गए हैं और लोगों को अपनी धार्मिक आस्था के पालन को लेकर डरने की जरूरत नहीं है।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि धार्मिक गतिविधियों और परंपराओं को लेकर लोगों को स्वतंत्रता महसूस करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अब समय बदल चुका है और नागरिक बिना किसी दबाव के अपनी आस्था से जुड़े कार्य कर सकते हैं।सुवेंदु अधिकारी ने अपने संबोधन में बागेश्वर बाबा से जुड़ी एक कथित घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले बागेश्वर बाबा अपने धर्म के प्रचार के लिए आए थे, लेकिन उस दौरान कुछ लोगों ने विरोध किया था। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं को लेकर विधानसभा में भी अपनी बात रखी थी।
मुख्यमंत्री अधिकारी ने आरोप लगाया कि उस समय कुछ लोगों ने बागेश्वर बाबा के विरोध में प्रदर्शन किया और उनका पुतला जलाया। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, ये आरोप उन्होंने अपने संबोधन में लगाए हैं।उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों से कहा कि वे भगवद गीता का पाठ पूरे विश्वास के साथ करें। उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने में किसी तरह का डर नहीं होना चाहिए।सुवेंदु अधिकारी ने अपने भाषण में उन लोगों पर भी निशाना साधा जिन्हें उन्होंने "टुकड़े-टुकड़े गैंग" कहा। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उनका यह बयान धार्मिक कार्यक्रम के मंच से सामने आया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अब ऐसी स्थिति नहीं है जहां लोग अपनी आस्था से जुड़े कार्य करने में संकोच करें। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाने की कोशिश की कि धार्मिक कार्यक्रमों और परंपराओं को लेकर डरने की आवश्यकता नहीं है।कोलकाता में आयोजित भगवद गीता पाठ कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान धार्मिक ग्रंथ के महत्व और भारतीय संस्कृति में इसके स्थान पर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने गीता के संदेशों और आध्यात्मिक महत्व का उल्लेख किया।
भगवद गीता हिंदू धर्म के प्रमुख धार्मिक ग्रंथों में शामिल है। इसमें भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन के बीच हुए संवाद का वर्णन है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गीता जीवन, कर्म और कर्तव्य से जुड़े संदेश देती है।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुवेंदु अधिकारी ने धार्मिक स्वतंत्रता और आस्था के पालन का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी परंपराओं का पालन करने में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।उन्होंने बागेश्वर बाबा से जुड़ी कथित घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं पर सरकार कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि धार्मिक कार्यक्रमों में बाधा डालने वालों के खिलाफ कदम उठाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री अधिकारी ने अपने संबोधन में राजनीतिक विरोधियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कम्युनिस्टों का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने बागेश्वर बाबा के कार्यक्रम का विरोध किया था। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियों को स्वीकार नहीं किया जाएगा।उन्होंने लोगों से अपील की कि वे धार्मिक आयोजनों में भाग लें और अपनी आस्था को लेकर किसी तरह का भय न रखें। अधिकारी ने कहा कि राज्य में परिस्थितियां बदल चुकी हैं और अब लोगों को खुलकर धार्मिक गतिविधियों में शामिल होना चाहिए।इस दौरान उन्होंने कानून-व्यवस्था का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की ऐसी गतिविधि जो लोगों की धार्मिक भावनाओं को प्रभावित करती है, उसके खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
सुवेंदु अधिकारी के बयान के बाद धार्मिक स्वतंत्रता, राजनीतिक बयानबाजी और राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। उनके बयान में धार्मिक आस्था, विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक आरोपों से जुड़े कई मुद्दे शामिल रहे।मुख्यमंत्री अधिकारी ने अपने संबोधन में लोगों को आश्वस्त करने की कोशिश की कि वे धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने में संकोच न करें। उन्होंने कहा कि भगवद गीता का पाठ करने या धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होने को लेकर डरने की जरूरत नहीं है।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि राज्य में बदलाव आया है और अब लोगों को अपनी आस्था के अनुसार जीवन जीने की स्वतंत्रता महसूस करनी चाहिए। उन्होंने अपने समर्थकों और कार्यक्रम में मौजूद लोगों से आत्मविश्वास के साथ धार्मिक गतिविधियों में भाग लेने की अपील की।कुल मिलाकर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कोलकाता में भगवद गीता पाठ कार्यक्रम के दौरान लोगों से बिना डर के गीता पढ़ने की अपील की। उन्होंने बागेश्वर बाबा से जुड़ी कथित घटना का जिक्र करते हुए कहा कि विरोध और बाधा डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में हालात बदल गए हैं और लोगों को अपनी धार्मिक आस्था के पालन को लेकर डरने की जरूरत नहीं है।
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