पश्चिम बंगाल

Bengal : जनगणना 2027 की तैयारियां, सुवेंदु अधिकारी ने बताया प्रक्रिया का शेड्यूल

Kavita2
29 May 2026 4:36 PM IST
Bengal : जनगणना 2027 की तैयारियां, सुवेंदु अधिकारी ने बताया प्रक्रिया का शेड्यूल
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West Bengal वेस्ट बंगाल: पश्चिम बंगाल में प्रस्तावित जनगणना 2027 को लेकर तैयारियों और समयसीमा पर चर्चा तेज हो गई है। इस बीच राज्य के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को इस प्रक्रिया को लेकर विस्तृत जानकारी देते हुए इसे पूरी तरह प्रशासनिक कार्य बताया और इसमें किसी भी तरह की राजनीतिक भूमिका से इनकार किया।

मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने कहा कि राज्य में जनगणना की प्रक्रिया 1 अगस्त से शुरू होगी और यह अगले वर्ष फरवरी के अंत तक चलेगी। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यह कार्य पूरी तरह से जनसंख्या गणना से जुड़ा प्रशासनिक अभियान है और इसका राजनीति से कोई संबंध नहीं है।

उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में सभी नागरिकों को सहयोग करना चाहिए, ताकि सही और सटीक आंकड़े एकत्र किए जा सकें। अधिकारी ने कहा कि जनगणना किसी भी देश की विकास नीति और योजनाओं की आधारशिला होती है, इसलिए इसमें जनता की भागीदारी बेहद जरूरी है।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने जनगणना और डेटा संग्रह की तकनीकों में काफी प्रगति की है, लेकिन पश्चिम बंगाल को अन्य राज्यों के मुकाबले और अधिक सुधार की जरूरत है। उनके अनुसार, राज्य को डेटा प्रबंधन और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तेजी लाने की आवश्यकता है, ताकि यह राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सके।

उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि देश में जनगणना कार्य प्रणाली काफी आगे बढ़ चुकी है, जबकि पश्चिम बंगाल अभी भी कई मामलों में पीछे है। उनके अनुसार, इस अंतर को कम करने के लिए राज्य प्रशासन को और अधिक सक्रिय भूमिका निभानी होगी।

विशेषज्ञों के अनुसार जनगणना केवल जनसंख्या की गिनती नहीं होती, बल्कि यह शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक योजनाओं की योजना बनाने का आधार भी होती है। ऐसे में इस प्रक्रिया की सफलता राज्य और केंद्र दोनों सरकारों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।

इस घोषणा के बाद राज्य में प्रशासनिक स्तर पर तैयारियों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि जनगणना प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए विस्तृत योजना बनाई जाएगी और कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

फिलहाल राज्य सरकार की ओर से इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि सभी वर्गों का सही आंकड़ा उपलब्ध हो सके और भविष्य की नीतियों को सही दिशा दी जा सके।

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