पश्चिम बंगाल

Bengal : धान-चावल वितरण में अनियमितताओं पर बड़ी कार्रवाई, चार सरकारी अधिकारी निलंबित

Kavita2
31 May 2026 4:24 PM IST
Bengal : धान-चावल वितरण में अनियमितताओं पर बड़ी कार्रवाई, चार सरकारी अधिकारी निलंबित
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West Bengal वेस्ट बंगाल: सरकारी धान-चावल वितरण, तिरपाल वितरण और रेत से जुड़े मामलों में गंभीर अनियमितताओं के आरोपों के बाद प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। प्रारंभिक जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद चार सरकारी अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई से विभागीय स्तर पर हड़कंप मच गया है।

खाद्य विभाग के सूत्रों के अनुसार वर्ष 2023-24 के दौरान धान संग्रह और चावल आपूर्ति प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ियां सामने आई थीं। जांच में पाया गया कि सरकारी स्तर पर संग्रहित धान के बदले संबंधित राइस मिलों से उतनी ही मात्रा में चावल की वापसी सुनिश्चित नहीं की गई, जितनी नियमों के तहत आवश्यक थी। इस अनियमितता के कारण सरकारी आपूर्ति प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

मामले की जांच में यह भी सामने आया कि निगरानी और प्रशासनिक नियंत्रण में गंभीर चूक हुई। दो जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रकों पर आरोप है कि उन्होंने समय रहते आवश्यक कार्रवाई नहीं की और प्रक्रिया की सही तरीके से निगरानी करने में विफल रहे। इसी लापरवाही के चलते यह अनियमितताएं लंबे समय तक जारी रहीं।

जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने दोनों जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके अलावा, इस मामले में संलिप्त राइस मिलों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

अधिकारियों के अनुसार, जांच अभी जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस पूरे प्रकरण में और कौन-कौन अधिकारी या निजी पक्ष शामिल हो सकते हैं। विभागीय स्तर पर अन्य दस्तावेजों और रिकॉर्ड की भी गहन जांच की जा रही है।

इस कार्रवाई के बाद खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में जवाबदेही और पारदर्शिता को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में किसी भी प्रकार की अनियमितता सीधे तौर पर आम जनता के हितों को प्रभावित करती है, इसलिए ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई जरूरी है।

प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं को रोकने के लिए निगरानी तंत्र को और मजबूत किया जाएगा तथा डिजिटल ट्रैकिंग और ऑडिट सिस्टम को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।

फिलहाल इस पूरे मामले ने विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और आने वाले दिनों में जांच के आधार पर और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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