पश्चिम बंगाल

बंगाल में दलबदल विवाद पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, नोटिस प्रक्रिया पर उठे सवाल

SHIDDHANT
16 Sept 2026 10:20 PM IST
बंगाल में दलबदल विवाद पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, नोटिस प्रक्रिया पर उठे सवाल
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Bangal बंगाल। पश्चिम बंगाल में विधायकों के कथित दलबदल मामले को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने आरोप लगाया है कि विधानसभा अध्यक्ष की ओर से दलबदल संबंधी याचिकाओं पर नौ विधायकों को नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि पूर्व मंत्री जावेद अहमद खान को अभी तक नोटिस नहीं मिला है। मामले को लेकर अधिवक्ता अरका कुमार नाग ने जानकारी देते हुए कहा कि 10 विधायकों के खिलाफ संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत दलबदल याचिकाएं दाखिल की गई थीं।
10 विधायकों के खिलाफ दायर हुई थी याचिका
अधिवक्ता अरका कुमार नाग के अनुसार, 8 जुलाई को पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष सुवेंदु चट्टोपाध्याय की ओर से 10 दलबदल याचिकाएं दाखिल की गई थीं। इन याचिकाओं में रितब्रत बनर्जी, अखरुज्जमान, जावेद खान, फिरहाद हकीम, सबीना यास्मीन, अरूप रॉय, बिप्लब मित्रा सहित अन्य विधायकों के नाम शामिल बताए गए।
9 विधायकों को नोटिस जारी होने का दावा
अधिवक्ता ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष की ओर से 10 में से नौ विधायकों को नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि जावेद खान को अभी तक नोटिस नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार, नौ विधायकों के नोटिस प्राप्त हुए हैं, जबकि जावेद खान से संबंधित नोटिस का इंतजार है।
मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट
TMC की ओर से बताया गया कि इस मामले में पहले ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की जा चुकी है। पार्टी का कहना है कि दलबदल संबंधी मामलों में प्रक्रिया को लेकर न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की गई है। अधिवक्ता अरका कुमार नाग ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित होने के बीच विधानसभा स्तर पर कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
संविधान की दसवीं अनुसूची का मामला
दलबदल विरोधी कानून संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत आता है। इसके तहत यदि कोई निर्वाचित प्रतिनिधि पार्टी बदलता है या कुछ परिस्थितियों में पार्टी के निर्देशों के खिलाफ जाता है तो उसकी सदस्यता पर सवाल उठ सकता है। ऐसे मामलों में विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण होती है और वह संबंधित पक्षों से जवाब मांग सकते हैं।
बंगाल में राजनीतिक विवाद बढ़ा
इस मामले को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। TMC ने कार्रवाई की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं, जबकि मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और विधानसभा अध्यक्ष के निर्णय पर सभी की नजर बनी हुई है। फिलहाल जावेद खान को नोटिस जारी होने और पूरे मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।
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