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सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने पूर्वी कमान के सैन्य ठिकानों का किया दौरा

सिलीगुड़ी: भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने हाल ही में पूर्वी कमान के अंतर्गत आने वाले कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने रणनीतिक रूप से अहम बेंगडुबी सैन्य स्टेशन का भी निरीक्षण किया और क्षेत्र की सुरक्षा तैयारियों, परिचालन क्षमता तथा सैन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
बेंगडुबी सैन्य थाना भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यह सामरिक दृष्टि से संवेदनशील सिलीगुड़ी कॉरिडोर के उत्तरी प्रवेश द्वार के पास स्थित है। इस क्षेत्र को देश की सुरक्षा व्यवस्था में विशेष महत्व प्राप्त है।
पूर्वी कमान की तैयारियों का लिया जायजा
सेना प्रमुख के दौरे का उद्देश्य पूर्वी क्षेत्र में तैनात सैन्य इकाइयों की परिचालन तैयारियों और क्षमता का आकलन करना था। जनरल धीरज सेठ ने सैन्य अधिकारियों से मुलाकात की और वर्तमान सुरक्षा चुनौतियों को लेकर जानकारी ली।
दौरे के दौरान उन्होंने जवानों और अधिकारियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझा और देश की सुरक्षा में उनके योगदान की सराहना की। सेना प्रमुख ने सैन्य इकाइयों को हर परिस्थिति के लिए तैयार रहने और उच्च स्तर की पेशेवर क्षमता बनाए रखने का संदेश दिया।
सिलीगुड़ी कॉरिडोर का रणनीतिक महत्व
सिलीगुड़ी कॉरिडोर, जिसे आमतौर पर ‘चिकन नेक’ के नाम से भी जाना जाता है, भारत के लिए अत्यंत संवेदनशील भौगोलिक क्षेत्र है। यह संकरा भू-भाग देश के पूर्वोत्तर राज्यों को शेष भारत से जोड़ता है।
इस क्षेत्र की सुरक्षा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पूर्वोत्तर भारत की कनेक्टिविटी और सामरिक पहुंच काफी हद तक इसी मार्ग पर निर्भर करती है। किसी भी आपात स्थिति में इस क्षेत्र की सुरक्षा देश की रक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाती है।
बेंगडुबी सैन्य स्टेशन इसी रणनीतिक क्षेत्र के नजदीक स्थित होने के कारण सेना के लिए विशेष महत्व रखता है।
सैन्य बुनियादी ढांचे और क्षमता पर ध्यान
दौरे के दौरान सेना प्रमुख ने सैन्य बुनियादी ढांचे, जवानों की तैनाती और परिचालन तैयारियों से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की।
भारतीय सेना लगातार सीमावर्ती और रणनीतिक क्षेत्रों में अपनी क्षमताओं को मजबूत कर रही है। आधुनिक तकनीक, बेहतर संचार व्यवस्था और मजबूत लॉजिस्टिक सपोर्ट के जरिए सेना अपनी तैयारियों को और प्रभावी बनाने पर जोर दे रही है।
पूर्वी क्षेत्र में चीन सहित अन्य सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए सैन्य तैयारियों को मजबूत रखना प्राथमिकता में शामिल है।
जवानों का बढ़ाया मनोबल
जनरल धीरज सेठ ने सैन्य कर्मियों से बातचीत करते हुए उनके समर्पण और कठिन परिस्थितियों में सेवाओं की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि जवानों की सतर्कता और मेहनत देश की सुरक्षा का आधार है।
सेना प्रमुख के दौरे को जवानों के मनोबल को बढ़ाने और नेतृत्व स्तर पर सीधे संवाद के रूप में भी देखा जा रहा है।
पूर्वी सीमा पर सेना की सक्रियता
भारतीय सेना पूर्वी क्षेत्र में अपनी निगरानी और तैयारियों को लगातार मजबूत कर रही है। बदलती सुरक्षा परिस्थितियों को देखते हुए सेना आधुनिक उपकरणों और बेहतर रणनीति के साथ काम कर रही है।
पूर्वी कमान के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में सेना की तैनाती देश की सुरक्षा नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यहां की भौगोलिक स्थिति और पड़ोसी देशों के साथ सीमा संबंधी परिस्थितियों के कारण इस क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
दौरे से मिला सुरक्षा व्यवस्था को लेकर संकेत
सेना प्रमुख का बेंगडुबी सहित पूर्वी कमान के महत्वपूर्ण ठिकानों का दौरा यह दर्शाता है कि सेना रणनीतिक क्षेत्रों की सुरक्षा और तैयारियों को लगातार प्राथमिकता दे रही है।
इस दौरे के दौरान सैन्य अधिकारियों के साथ चर्चा और तैयारियों की समीक्षा से यह स्पष्ट है कि भारतीय सेना किसी भी संभावित चुनौती का सामना करने के लिए अपनी क्षमता को मजबूत बनाए रखने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
सिलीगुड़ी कॉरिडोर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में सैन्य तैयारियों की नियमित समीक्षा देश की व्यापक सुरक्षा रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।





