पश्चिम बंगाल

बंगाल में आंगनवाड़ी केंद्रों को मुफ्त बिजली और पक्के भवन देने की घोषणा

Kavita2
28 Sept 2026 3:41 PM IST
बंगाल में आंगनवाड़ी केंद्रों को मुफ्त बिजली और पक्के भवन देने की घोषणा
x

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में आंगनवाड़ी और आइसीडीएस केंद्रों की सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को राज्य के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने और किराये के भवनों में चल रहे केंद्रों को चरणबद्ध तरीके से सरकारी भवनों में स्थानांतरित करने की योजना का ऐलान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आंगनवाड़ी केंद्रों की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए काम कर रही है। इसके तहत बिजली व्यवस्था से लेकर स्थायी भवनों तक कई स्तरों पर सुधार किए जाएंगे।

सभी आंगनवाड़ी केंद्रों को मिलेगी मुफ्त बिजली

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य के सभी आंगनवाड़ी और आइसीडीएस केंद्रों को अब सरकार की ओर से पूरी तरह मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जाएगी।

उन्होंने कहा कि बच्चों और महिलाओं से जुड़ी इन महत्वपूर्ण सेवाओं को बेहतर तरीके से संचालित करने के लिए बुनियादी सुविधाओं का मजबूत होना जरूरी है। बिजली सुविधा उपलब्ध होने से केंद्रों में कामकाज आसान होगा और बच्चों को बेहतर माहौल मिल सकेगा।

19 हजार केंद्रों को मिलेंगे स्थायी भवन

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में करीब 19 हजार आंगनवाड़ी केंद्र फिलहाल किराये के भवनों में संचालित हो रहे हैं।

इन केंद्रों को चरणबद्ध तरीके से सरकारी स्थायी भवनों में स्थानांतरित किया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार ने आवश्यक धनराशि का प्रावधान किया है।

स्थायी भवन मिलने से आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों और कार्यकर्ताओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

पानीहाटी में आयोजित कार्यक्रम में घोषणा

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी उत्तर 24 परगना जिले के पानीहाटी में आयोजित ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को संबोधित कर रहे थे।

इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं मौजूद थीं। मुख्यमंत्री ने उनके काम की सराहना करते हुए सुविधाओं में सुधार की बात कही।

मानदेय में 5 हजार रुपये अतिरिक्त बढ़ोतरी का दावा

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में भाजपा की सरकार बनने के बाद आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में प्रति माह अतिरिक्त 5,000 रुपये की वृद्धि अगस्त महीने से लागू कर दी गई है।

उन्होंने कहा कि सरकार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण मानती है और उनके हितों को ध्यान में रखते हुए कदम उठा रही है।

भाजपा नेताओं की मौजूदगी

कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य भी मौजूद रहे।

इस दौरान नेताओं ने आंगनवाड़ी व्यवस्था को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं की समस्याओं के समाधान को लेकर अपनी बात रखी।

बच्चों और महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण केंद्र

आंगनवाड़ी केंद्र ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बच्चों के पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और महिलाओं से जुड़ी सेवाओं का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

इन केंद्रों के माध्यम से बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और विकास से जुड़े कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं।

सरकार का कहना है कि बेहतर भवन और सुविधाओं से इन सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा।

आधारभूत सुविधाओं पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों को केवल एक सेवा केंद्र के रूप में नहीं बल्कि बच्चों के विकास और महिलाओं के सशक्तीकरण के महत्वपूर्ण स्थान के रूप में देखा जाना चाहिए।

इसी सोच के तहत केंद्रों में बिजली, भवन और अन्य जरूरी सुविधाओं को मजबूत करने की योजना बनाई गई है।

चरणबद्ध तरीके से लागू होगी योजना

सरकार की योजना के अनुसार, किराये के भवनों में चल रहे आंगनवाड़ी केंद्रों को एक साथ नहीं बल्कि चरणबद्ध तरीके से स्थायी भवनों में स्थानांतरित किया जाएगा।

इसके लिए वित्तीय व्यवस्था भी सुनिश्चित करने की बात कही गई है।

आंगनवाड़ी व्यवस्था में सुधार की पहल

मुफ्त बिजली, स्थायी भवन और मानदेय वृद्धि जैसी घोषणाओं को आंगनवाड़ी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम बताया जा रहा है।

सरकार का उद्देश्य है कि राज्य के सभी आंगनवाड़ी केंद्र बेहतर सुविधाओं के साथ संचालित हों और बच्चों व महिलाओं को इसका लाभ मिल सके।

आंगनवाड़ी केंद्रों की आधारभूत सुविधाओं में सुधार की इस योजना से राज्यभर के हजारों केंद्रों को लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

Next Story