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दुर्गापुर में नेहरू की प्रतिमा गिराने का आरोप कांग्रेस ने दर्ज कराई शिकायत जांच की मांग

दुर्गापुर। पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की प्रतिमा गिराए जाने का मामला सामने आया है। कांग्रेस ने इस घटना को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और आरोप लगाया है कि कुछ लोगों ने नेहरू की प्रतिमा को उखाड़कर पास के जंगल में फेंक दिया। पार्टी ने इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी और प्रतिमा को दोबारा उसी स्थान पर स्थापित करने की मांग की है।
कांग्रेस की ओर से इस मामले से जुड़ी कुछ तस्वीरें भी साझा की गई हैं। पार्टी का दावा है कि इन तस्वीरों में प्रतिमा को हटाए जाने के बाद की स्थिति दिखाई दे रही है। कांग्रेस नेताओं ने घटना की निंदा करते हुए इसे अपमानजनक और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया है।
जानकारी के अनुसार, यह मामला पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर क्षेत्र का है, जहां कांग्रेस नेताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। पार्टी की ओर से स्थानीय स्तर पर शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत में मांग की गई है कि घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का भारतीय राजनीति और स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। ऐसे में उनकी प्रतिमा के साथ इस तरह की घटना स्वीकार नहीं की जा सकती। पार्टी ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई करने की अपील की है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रतिमा को पहले हटाया गया और फिर उसे पास के जंगल क्षेत्र में फेंक दिया गया। पार्टी का कहना है कि यह केवल एक मूर्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला नहीं है, बल्कि यह इतिहास और लोकतांत्रिक परंपराओं के प्रति अनादर को दर्शाता है।
घटना के बाद स्थानीय राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दोषियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की है। पार्टी नेताओं का कहना है कि ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए प्रशासन को सख्त कदम उठाने चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी महापुरुष की प्रतिमा या स्मारक को नुकसान पहुंचाने की कोशिश न हो।
वहीं पुलिस की ओर से मामले की जांच शुरू किए जाने की बात कही जा रही है। पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। प्रतिमा किस परिस्थिति में हटाई गई और इसके पीछे किसका हाथ है, इसका पता जांच के बाद ही चल सकेगा।
पुलिस अधिकारियों की ओर से स्थानीय लोगों से भी जानकारी जुटाई जा रही है। इसके अलावा घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में उपलब्ध साक्ष्यों को एकत्र करने का प्रयास किया जा रहा है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक स्थलों पर लगी महापुरुषों की प्रतिमाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक दलों का कहना है कि ऐसी घटनाएं सामाजिक तनाव पैदा कर सकती हैं, इसलिए प्रशासन को संवेदनशील मामलों में तेजी से कार्रवाई करनी चाहिए।
गौरतलब है कि देश के विभिन्न हिस्सों में समय-समय पर महापुरुषों की प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाने के मामले सामने आते रहे हैं। ऐसे मामलों में प्रशासन की ओर से कार्रवाई भी की जाती रही है। दुर्गापुर की घटना को लेकर भी अब सभी की नजर पुलिस जांच पर है।
कांग्रेस ने मांग की है कि प्रतिमा को जल्द से जल्द सम्मानपूर्वक उसी स्थान पर स्थापित किया जाए। पार्टी का कहना है कि प्रशासन को इस मामले में सिर्फ आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए भी कदम उठाने चाहिए।
फिलहाल मामले में शिकायत दर्ज होने के बाद जांच प्रक्रिया जारी है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि प्रतिमा को किसने और किन परिस्थितियों में हटाया था। वहीं कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर लगातार कार्रवाई की मांग कर रही है।





