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West Bengal वेस्ट बंगाल: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यह घटना राज्य में राजनीतिक माहौल को दबाने और हिंसा फैलाने की दिशा में की गई कार्रवाई का हिस्सा हो सकती है।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर हिंदी में पोस्ट करते हुए दावा किया कि इस हमले के पीछे बीजेपी की भूमिका है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि बीजेपी केवल नफरत, नकारात्मकता और हिंसा आधारित राजनीति करती है। उनके अनुसार, इस तरह की घटनाएं लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं और इससे राजनीतिक अस्थिरता बढ़ती है।
बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के महत्वपूर्ण नेता श्री अभिषेक बनर्जी जी के ऊपर जानलेवा हमला करवाकर बंगाल की अराजक भाजपा सरकार ने साबित कर दिया है कि भाजपा नफ़रत भरी नकारात्मक हिंसक राजनीति के सिवा और कुछ नहीं कर सकती है। इतने संवेदनशील वातावरण में भी पुलिस की व्यवस्था न होना एक बड़ी…
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) May 30, 2026
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की ओर से हालांकि इस आरोप पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया तुरंत सामने नहीं आई है। वहीं, तृणमूल कांग्रेस की ओर से इस घटना को लेकर पहले ही सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए जा चुके हैं।
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक गतिविधियां और बयानबाजी तेज हो गई हैं। राज्य की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee पहले ही इस घटना पर चिंता जताते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा चुकी हैं। उन्होंने कहा था कि एक निर्वाचित जन प्रतिनिधि पर हमला होना गंभीर मामला है और इसकी जांच होनी चाहिए।
अखिलेश यादव ने अपने बयान में यह भी कहा कि लोकतंत्र में किसी भी प्रकार की हिंसा स्वीकार नहीं की जा सकती, खासकर तब जब यह निर्वाचित प्रतिनिधियों के खिलाफ हो। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की घटनाएं राजनीतिक विरोधियों को डराने और दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा हो सकती हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस घटना ने राष्ट्रीय स्तर पर भी राजनीतिक बयानबाजी को तेज कर दिया है। विभिन्न दलों के नेता इस मुद्दे पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं, जिससे मामला केवल पश्चिम बंगाल तक सीमित नहीं रह गया है।
तृणमूल कांग्रेस की ओर से पहले कहा गया था कि अभिषेक बनर्जी को घटना के बाद चिकित्सा सहायता में भी देरी या असमंजस का सामना करना पड़ा, जिस पर सुरक्षा व्यवस्था की भूमिका पर सवाल उठे हैं। हालांकि, प्रशासन की ओर से अभी तक इस पूरे मामले पर विस्तृत आधिकारिक रिपोर्ट जारी नहीं की गई है।
All India Trinamool Congress (टीएमसी) और बीजेपी के बीच पहले से ही राज्य की राजनीति को लेकर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। ऐसे में इस घटना और उसके बाद आए राजनीतिक बयानों ने माहौल को और अधिक गरमा दिया है।
अखिलेश यादव के बयान के बाद यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बन गया है और आने वाले दिनों में इस पर और बयानबाजी और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं देखने की संभावना है। विपक्षी दल इसे कानून-व्यवस्था से जुड़ा मामला बता रहे हैं, जबकि सत्ताधारी पक्ष की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
फिलहाल इस घटना की जांच और परिस्थितियों की स्पष्ट जानकारी सामने आना बाकी है, जिसके बाद ही वास्तविक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।





