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पश्चिम बंगाल: धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथ यात्रा को आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। सरकार ने राज्य की प्रत्येक चिन्हित रथ यात्रा समिति को 5 लाख रुपये का एकमुश्त सरकारी अनुदान देने की घोषणा की है। यह पहली बार है जब पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से रथ यात्रा उत्सव के लिए वित्तीय सहायता दी जा रही है। सरकार के इस फैसले को राज्य की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को बढ़ावा देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
16 जुलाई से शुरू होगा 9 दिवसीय रथ यात्रा उत्सव
सूचना एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, बंगाल में इस साल रथ यात्रा उत्सव की शुरुआत 16 जुलाई से होगी। इससे पहले 13 जुलाई को सभी जिलों में चिह्नित रथ यात्रा समितियों के प्रतिनिधियों को 5-5 लाख रुपये के चेक सौंपे जाएंगे। चेक वितरण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी वर्चुअल माध्यम से सभी समितियों को संबोधित करेंगे। सरकार ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक रथ यात्रा समितियों की पहचान कर उन्हें इस योजना से जोड़ें।
महेश रथ यात्रा और इस्कॉन समेत 30 समितियां शामिल
सरकार ने शुरुआती चरण में करीब 30 प्रमुख रथ यात्रा समितियों को अनुदान के लिए चुना है। इनमें हुगली की प्रसिद्ध महेश रथ यात्रा और कोलकाता की इस्कॉन रथ यात्रा प्रमुख हैं। हुगली की महेश रथ यात्रा को ओडिशा के पुरी रथ यात्रा के बाद दुनिया की सबसे पुरानी रथ यात्राओं में से एक माना जाता है। इसका बंगाल की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा में विशेष महत्व है। इसके अलावा जिलाधिकारियों को यह अधिकार दिया गया है कि वे अपने क्षेत्रों में ऐसी अन्य रथ यात्रा समितियों के नाम भी सरकार को भेज सकते हैं, जिनका ऐतिहासिक महत्व और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी होती है।
दुर्गा पूजा अनुदान से पांच गुना ज्यादा राशि
सरकार का यह फैसला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि यह राशि ममता बनर्जी सरकार द्वारा दुर्गा पूजा समितियों को दिए जाने वाले अनुदान से काफी अधिक है। जहां दुर्गा पूजा समितियों को 1.1 लाख रुपये की सहायता दी जाती थी, वहीं रथ यात्रा समितियों को 5 लाख रुपये देने का ऐलान किया गया है। भाजपा सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य राज्य की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना और बड़े आयोजनों को बेहतर तरीके से आयोजित करने में मदद करना है।
रथ यात्रा मार्गों पर लगेंगे सेवा शिविर
सरकार ने केवल आर्थिक सहायता तक ही अपना कदम सीमित नहीं रखा है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक जिले के लिए अलग से 1 लाख रुपये का बजट भी मंजूर किया गया है। इस राशि से रथ यात्रा और उल्टो रथ यात्रा के मार्गों पर विशेष सेवा शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में श्रद्धालुओं के लिए पीने के पानी, ओआरएस पैकेट, प्राथमिक चिकित्सा सुविधा, आपातकालीन एंबुलेंस सेवा और हेल्प डेस्क की व्यवस्था की जाएगी।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर सरकार का जोर
शहरी विकास एवं नागरिक उड्डयन मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि सरकार का लक्ष्य बंगाल की सदियों पुरानी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि रथ यात्रा में दूर-दराज से लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। सरकार के इस फैसले के बाद बंगाल में रथ यात्रा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। धार्मिक संगठनों ने भी इस घोषणा को उत्सव को बढ़ावा देने वाला कदम बताया है।





