पश्चिम बंगाल

कोलकाता में फर्जी दस्तावेजों के साथ अफगान नागरिक गिरफ्तार

Saba Naaz
17 July 2026 8:47 PM IST
कोलकाता में फर्जी दस्तावेजों के साथ अफगान नागरिक गिरफ्तार
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कोलकाता: पुलिस ने अवैध रूप से भारत में रह रहे एक अफगान नागरिक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान जमील खान के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, जमील खान साल 2021 में तीन महीने के वैध वीजा पर भारत आया था, लेकिन वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी वह वापस नहीं गया और पिछले करीब पांच वर्षों से कोलकाता में अवैध रूप से रह रहा था। पुलिस का आरोप है कि उसने अपनी असली पहचान छिपाने के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया।

मामला कोलकाता के भवानीपुर थाना क्षेत्र का है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक विदेशी नागरिक बिना वैध दस्तावेजों के शहर में रह रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और जमील खान को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान उसके बयानों में कई विरोधाभास सामने आए, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

जांच में पुलिस को शक है कि जमील खान ने स्थानीय एजेंटों की मदद से फर्जी पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज तैयार करवाए थे। इन दस्तावेजों के आधार पर वह लंबे समय तक भारत में अपनी पहचान बदलकर रह रहा था। पुलिस अब उन लोगों की तलाश में जुट गई है, जिन्होंने कथित तौर पर उसके लिए फर्जी कागजात तैयार किए थे।

पुलिस ने आरोपी के पास से एक डायरी बरामद की है, जिसमें कई संदिग्ध लोगों के नाम और मोबाइल नंबर दर्ज बताए जा रहे हैं। इसके अलावा पुलिस ने उसका लैपटॉप और कई मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। इन सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी की गतिविधियां कहां-कहां तक फैली हुई थीं।

कोलकाता पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक, इस मामले की जांच केवल अवैध रूप से रहने तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े पहलुओं को भी ध्यान में रखते हुए की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि जमील खान ने भारत में रहने के दौरान किन लोगों से संपर्क किया था और क्या उसने किसी संवेदनशील जानकारी को साझा किया था।

पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी ने भारत के किसी अन्य राज्य की यात्रा की थी या नहीं। इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या वह किसी संगठित गिरोह के संपर्क में था, जो विदेशी नागरिकों को भारत में अवैध रूप से रहने के लिए मदद करता है या उनके लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करता है।

जांच एजेंसियां जासूसी और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े संभावित पहलुओं को भी खंगाल रही हैं। हालांकि अभी तक पुलिस ने किसी बड़े नेटवर्क की पुष्टि नहीं की है, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय खुफिया एजेंसियां भी इस पर नजर बनाए हुए हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि जमील खान की गतिविधियां केवल अवैध प्रवास तक सीमित थीं या इसके पीछे कोई अन्य उद्देश्य भी था। फिलहाल आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है और उसके संपर्कों की जानकारी जुटाई जा रही है।

इस घटना ने एक बार फिर महानगरों में अवैध रूप से रहने वाले विदेशी नागरिकों की पहचान और दस्तावेज सत्यापन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने इतने लंबे समय तक फर्जी पहचान के साथ शहर में कैसे रह लिया और उसे किस-किस स्तर पर मदद मिली।

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