पश्चिम बंगाल

अधीर रंजन चौधरी ने AI सिस्टम पर उठाए सवाल, आम नागरिकों को परेशानी का सामना

SHIDDHANT
14 Jan 2026 10:53 PM IST
अधीर रंजन चौधरी ने AI सिस्टम पर उठाए सवाल, आम नागरिकों को परेशानी का सामना
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Bangal बंगाल: कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने बुधवार को कहा कि हाल ही में लागू किए गए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिस्टम में आम नागरिकों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इंसानी मस्तिष्क और मशीन के प्रोसेसिंग में स्पष्ट अंतर है, और इस अंतर को नजरअंदाज कर डिजिटल सेवाओं में तेजी लाने की कोशिश नागरिकों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। अधीर रंजन चौधरी ने मीडिया से बातचीत में कहा, "हमें AI सिस्टम को लेकर कई शिकायतें मिली हैं। आम लोग इस तकनीक का सही इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं, और सिस्टम में उत्पन्न जटिलताओं के कारण कई बार सेवाएं बाधित हो रही हैं। यह आवश्यक है कि प्रशासन ऐसे डिजिटल टूल्स को लागू करने से पहले जनता को पूरी तरह तैयार करे।
कांग्रेस नेता ने बताया कि AI आधारित सिस्टम में निर्णय लेने की प्रक्रिया पूरी तरह से मशीन पर निर्भर होती है, जबकि मानव मस्तिष्क परिस्थितियों के अनुसार लचीलापन दिखा सकता है। उन्होंने कहा कि मशीन केवल दिए गए डेटा और एल्गोरिदम के अनुसार ही कार्य कर सकती है, जबकि वास्तविक जीवन की जटिलताओं को मशीन अभी पूरी तरह नहीं समझ सकती। उन्होंने सरकार से अपील की कि सिस्टम की तकनीकी खामियों को सुधारने के साथ-साथ आम नागरिकों को प्रशिक्षण और मार्गदर्शन दिया जाए, ताकि डिजिटल सेवाओं का लाभ सभी लोग आसानी से उठा सकें। अधीर रंजन चौधरी ने चेतावनी दी कि यदि नागरिकों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो इस मुद्दे को विधानसभा और केंद्र स्तर पर गंभीरता से उठाया जाएगा।
पश्चिम बंगाल में डिजिटल प्लेटफॉर्म और AI आधारित सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल के बीच, कई लोगों ने शिकायतें दर्ज कराई हैं कि ऑनलाइन पोर्टल और सिस्टम जटिल और भ्रमित करने वाले हैं। कई मामलों में, आवश्यक सेवाओं के लिए लंबी प्रतीक्षा, सिस्टम क्रैश या डेटा एंट्री में तकनीकी गड़बड़ी के कारण नागरिक परेशान हो रहे हैं। अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि सरकार को यह समझना चाहिए कि तकनीक का उद्देश्य जनता की सुविधा बढ़ाना होना चाहिए, न कि उन्हें और अधिक जटिलता में डालना। उन्होंने डिजिटल और AI प्लेटफॉर्म की निगरानी और सुधार के लिए एक स्वतंत्र समीक्षा समिति बनाने का सुझाव भी दिया।
उन्होंने जोर देकर कहा कि मनुष्य और मशीन के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है, ताकि निर्णय लेने और सेवाओं के वितरण में पारदर्शिता, जवाबदेही और मानव संवेदनशीलता बनी रहे। अधीर रंजन चौधरी के अनुसार, यदि तकनीक के उपयोग में सही दिशा और प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाए, तो यह आम नागरिकों के जीवन में सुधार ला सकती है। मुर्शिदाबाद में कांग्रेस नेता की इस टिप्पणी के बाद प्रशासन और डिजिटल एजेंसियों पर भी निगरानी बढ़ने की संभावना है, और नागरिकों के लिए AI सेवाओं को और अधिक सुलभ, पारदर्शी और उपयोगकर्ता-मित्रवत बनाने की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं।
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