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अभिषेक बनर्जी के बैंक खाते और कार्ड फिर चालू, कलकत्ता हाई कोर्ट ने याचिका का किया निपटारा

कोलकाता। कलकत्ता हाई कोर्ट ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी की उस याचिका का निपटारा कर दिया, जिसमें उनके बैंक खाते और डेबिट-क्रेडिट कार्ड फ्रीज किए जाने का मुद्दा उठाया गया था। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि संबंधित निजी बैंक में आवश्यक KYC दस्तावेज जमा किए जाने के बाद अभिषेक बनर्जी का बैंक खाता और उनके डेबिट-क्रेडिट कार्ड दोबारा चालू कर दिए गए हैं।
मामले की सुनवाई जस्टिस कृष्णा राव की अदालत में हुई। याचिका के निपटारे के साथ ही फिलहाल बैंक खाते और कार्ड के संचालन को लेकर पैदा हुआ विवाद समाप्त हो गया है।
10 अगस्त को कार्ड ब्लॉक किए जाने का दावा
अभिषेक बनर्जी की ओर से अदालत में पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अयान भट्टाचार्य ने दावा किया कि TMC सांसद का बैंक खाता फ्रीज कर दिया गया था और उनके डेबिट तथा क्रेडिट कार्ड भी 10 अगस्त को ब्लॉक कर दिए गए थे।
वकील के मुताबिक, यह घटनाक्रम उस समय हुआ जब सुप्रीम कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी को चिकित्सा कारणों से विदेश जाने की अनुमति दी थी। उन्होंने अदालत को यह भी बताया कि डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी इस सप्ताह विदेश जाने की योजना बना रहे हैं।
ऐसे में बैंकिंग सुविधाओं के बंद होने को लेकर उनके सामने व्यावहारिक परेशानी पैदा हो सकती थी। इसी आधार पर उन्होंने हाई कोर्ट का रुख किया था।
KYC दस्तावेज जमा करने के बाद खाते हुए चालू
सुनवाई के दौरान अदालत के सामने यह तथ्य आया कि संबंधित निजी बैंक में आवश्यक KYC दस्तावेज जमा कर दिए गए हैं। इसके बाद बैंक खाते को दोबारा सक्रिय कर दिया गया है।
इसी तरह अभिषेक बनर्जी के डेबिट और क्रेडिट कार्ड भी फिर से चालू कर दिए गए। बैंकिंग सुविधाएं बहाल होने की जानकारी मिलने के बाद अदालत ने याचिका का निपटारा कर दिया।
इससे पहले याचिका में बैंक खाते को फ्रीज किए जाने और कार्ड ब्लॉक किए जाने को लेकर सवाल उठाए गए थे। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया था कि बैंकिंग सुविधाएं अचानक रोक दिए जाने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा।
हाई कोर्ट की मौखिक टिप्पणी
मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस कृष्णा राव ने KYC प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण मौखिक टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि किसी भी ग्राहक के मामले में यदि KYC अपडेट कराने की जरूरत है तो बैंक को पहले ग्राहक से आवश्यक जानकारी या दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए कहना चाहिए।
अदालत ने मौखिक रूप से कहा कि KYC अपडेट की आवश्यकता होने पर ग्राहक को इसकी जानकारी देने की प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए। शुरुआत में ही ग्राहक के डेबिट और क्रेडिट कार्ड को ब्लॉक करना उचित प्रक्रिया नहीं होनी चाहिए।
इस टिप्पणी के जरिए अदालत ने बैंकिंग सेवाओं और KYC अनुपालन के बीच संतुलन बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया।
विदेश यात्रा की योजना का भी मामला
अभिषेक बनर्जी की ओर से अदालत को बताया गया कि वह इस सप्ताह विदेश जाने की योजना बना रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट की ओर से उन्हें चिकित्सा कारणों से विदेश जाने की अनुमति दिए जाने के बाद बैंक खाते और कार्ड से जुड़ी समस्या सामने आई थी।
ऐसे में विदेश यात्रा के दौरान बैंकिंग और भुगतान संबंधी सुविधाएं उपलब्ध रहना उनके लिए महत्वपूर्ण था। खाते और कार्ड दोबारा सक्रिय होने के बाद यह समस्या फिलहाल दूर हो गई है।
बैंकिंग प्रक्रिया पर उठे सवाल
मामले ने KYC अपडेट और बैंकिंग सुविधाओं को लेकर अपनाई जाने वाली प्रक्रिया पर भी ध्यान खींचा है। बैंक ग्राहकों से समय-समय पर KYC संबंधी दस्तावेज अपडेट कराने के लिए कह सकते हैं। लेकिन अदालत की टिप्पणी से यह संकेत मिला कि ऐसी स्थिति में ग्राहक को पहले उचित सूचना और आवश्यक दस्तावेज जमा करने का अवसर दिया जाना चाहिए।
अदालत ने सुनवाई के दौरान इस बात पर जोर दिया कि KYC की जरूरत होने पर सीधे कार्ड ब्लॉक करने के बजाय ग्राहक से पहले आवश्यक जानकारी मांगी जानी चाहिए।
याचिका का हुआ निपटारा
सुनवाई के दौरान जब अदालत के सामने यह स्पष्ट हुआ कि अभिषेक बनर्जी का बैंक खाता और डेबिट-क्रेडिट कार्ड KYC दस्तावेज जमा करने के बाद दोबारा सक्रिय हो चुके हैं, तो याचिका के निपटारे का रास्ता साफ हो गया।
अदालत ने मामले का निपटारा कर दिया। इसके साथ ही अभिषेक बनर्जी की ओर से बैंकिंग सुविधाओं को बहाल करने को लेकर उठाई गई मांग पर फिलहाल कार्रवाई पूरी हो गई।
राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण मामला
अभिषेक बनर्जी TMC के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं और डायमंड हार्बर से लोकसभा सांसद हैं। ऐसे में उनके बैंक खाते और कार्ड फ्रीज किए जाने का मामला राजनीतिक स्तर पर भी चर्चा का विषय बना।
हालांकि अदालत में सुनवाई के दौरान मुख्य मुद्दा बैंकिंग सुविधाओं, KYC दस्तावेज और खाते को दोबारा सक्रिय किए जाने से जुड़ा रहा। अदालत ने उपलब्ध स्थिति को देखते हुए याचिका का निपटारा कर दिया।
फिलहाल अभिषेक बनर्जी का बैंक खाता और डेबिट-क्रेडिट कार्ड चालू हो चुके हैं। इस मामले में अदालत की मौखिक टिप्पणी बैंक ग्राहकों के KYC अपडेट की प्रक्रिया और बैंकिंग सुविधाओं को प्रतिबंधित करने से पहले अपनाई जाने वाली प्रक्रिया के संदर्भ में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।





