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कोलकाता इमारत अग्निकांड में 9 की मौत, दमकल ने 80 लोगों को बचाया

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मध्य कोलकाता में हुए भीषण अग्निकांड में नौ लोगों की मौत हो गई। राज्य के अग्निशमन मंत्री कौशिक चौधरी ने बुधवार को बताया कि दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई के कारण इमारत में फंसे करीब 80 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
यह हादसा मध्य कोलकाता की मिर्जा गालिब स्ट्रीट स्थित एक इमारत में हुआ। आग लगने के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और बड़े स्तर पर बचाव अभियान शुरू किया गया।
अग्निशमन मंत्री कौशिक चौधरी ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में बताया कि दमकल कर्मियों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए इमारत में फंसे लोगों को बाहर निकाला। उन्होंने कहा कि करीब 80 लोगों को सुरक्षित बचाने में सफलता मिली, लेकिन दुर्भाग्यवश नौ लोगों की जान चली गई।
मंत्री ने बताया कि प्रारंभिक जांच में ऐसा प्रतीत हो रहा है कि ज्यादातर लोगों की मौत आग में जलने के कारण नहीं, बल्कि दम घुटने की वजह से हुई। उन्होंने कहा कि मृतकों के शरीर पर जलने के निशान नहीं मिले हैं। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि विस्तृत जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।
घटना के बाद इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस और दमकल कर्मियों को तैनात किया गया। राहत और बचाव कार्य के दौरान दमकल विभाग ने इमारत के अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए विशेष उपकरणों का इस्तेमाल किया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के बाद इमारत में धुआं तेजी से फैल गया था। धुएं के कारण अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकलने में परेशानी हुई। कई लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी, जिसके चलते दम घुटने की स्थिति पैदा हुई।
दमकल अधिकारियों ने बताया कि आग पर काबू पाने के लिए कई दमकल गाड़ियों को लगाया गया था। काफी मशक्कत के बाद आग को नियंत्रित किया गया। इसके बाद इमारत की तलाशी ली गई ताकि कोई अन्य व्यक्ति अंदर फंसा न रह गया हो।
घटना के बाद प्रशासन ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि आग किस वजह से लगी और क्या इमारत में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था।
अग्निकांड के बाद स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि आग की लपटें और धुआं देखकर इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी। लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और बचाव कार्य शुरू होने तक स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी रही।
मंत्री कौशिक चौधरी ने कहा कि सरकार हादसे की पूरी जांच कराएगी। उन्होंने दमकल कर्मियों की सराहना करते हुए कहा कि समय पर की गई कार्रवाई से बड़ी संख्या में लोगों की जान बचाई जा सकी।
उन्होंने कहा कि आग जैसी आपात परिस्थितियों में समय पर सूचना और त्वरित बचाव अभियान बेहद महत्वपूर्ण होता है। दमकल विभाग की टीमों ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करते हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
इस घटना ने एक बार फिर शहरों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि घनी आबादी वाले इलाकों में स्थित इमारतों में अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
प्रशासन अब हादसे के सभी पहलुओं की जांच कर रहा है। मृतकों के परिवारों के लिए सहायता और राहत व्यवस्था को लेकर भी कदम उठाए जा रहे हैं।
फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग मामले की जांच में जुटे हैं। कोलकाता अग्निकांड ने पूरे शहर को झकझोर दिया है और लोग मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।





