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पश्चिम बंगाल
वंदे मातरम के 150 साल: पद्म भूषण उषा उथुप ने संगीत को बताया शांति और एकता का माध्यम
SHIDDHANT
6 Jan 2026 10:40 PM IST

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Bangal बंगाल: भारत के राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने के अवसर पर पद्म भूषण से सम्मानित सुप्रसिद्ध सिंगर उषा उथुप ने अपने विचार साझा किए। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि वह इस कार्यक्रम में किसी भी राजनीतिक बयान के लिए नहीं आई हैं, क्योंकि यह मंच केवल शांति और प्यार फैलाने के लिए है।
उषा उथुप ने कहा, “संगीत ही एकमात्र ऐसी चीज़ है जो शांति ला सकती है। विक्टोरिया मेमोरियल में गाना एक बहुत अच्छा एहसास है। यह बहुत अच्छा था कि इतनी ठंड होने के बावजूद लोग इतनी संख्या में आए और जगह भर दी। संगीत लोगों को एक साथ लाता है और विभाजन की बजाय एकता का संदेश देता है।”
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने ठंड के बावजूद गानों का आनंद लिया और राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर देशभक्ति और सम्मान की भावना प्रकट की। उषा उथुप ने यह भी कहा कि ऐसे कार्यक्रम केवल संगीत प्रेमियों के लिए ही नहीं, बल्कि युवा पीढ़ी को भी संस्कृति और देशभक्ति से जोड़ने का अवसर होते हैं।
उन्होंने आगे कहा, “संगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह सामाजिक संदेश भी देता है। वंदे मातरम का 150वां वर्ष केवल गीत का जश्न नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक भी है। यह अवसर हमें याद दिलाता है कि संगीत के माध्यम से हम एकजुट होकर देशभक्ति का अनुभव साझा कर सकते हैं।”
उषा उथुप के अनुसार, यह फोरम राजनीतिक विरोध या बहस का मंच नहीं है। इसका उद्देश्य केवल शांति, प्यार और एकता का संदेश फैलाना है। उन्होंने कहा कि संगीत की शक्ति इतनी व्यापक है कि यह लोग चाहे किसी भी पृष्ठभूमि से हों, उन्हें एक साथ ला सकती है।
कार्यक्रम के आयोजकों ने बताया कि ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे, और उषा उथुप के गानों और उनके व्यक्तिगत संवाद ने लोगों के दिलों में उत्साह भर दिया। उन्होंने मंच पर कहा कि ऐसे अवसर हमें याद दिलाते हैं कि राष्ट्रीय गीत और संगीत हमारी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा हैं, और इन्हें आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना हमारी जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर उषा उथुप ने यह भी जोर दिया कि संगीत केवल आनंद देने का माध्यम नहीं, बल्कि लोगों को एकजुट करने, शांति और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि इस तरह के सांस्कृतिक आयोजनों में भाग लेकर देशभक्ति और संगीत के महत्व को महसूस करें।
विक्टोरिया मेमोरियल में आयोजित इस कार्यक्रम ने यह साबित किया कि राष्ट्रीय गीत, संगीत और सांस्कृतिक उत्सव लोगों के दिलों को जोड़ने का सबसे मजबूत माध्यम हैं। उषा उथुप का यह संदेश लोगों के लिए प्रेरणादायक रहा और कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
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