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यमुनोत्री हाईवे बहाली का 80% काम पूरा, स्यानाचट्टी में आज शाम तक यातायात शुरू होने की उम्मीद
Uttarakhand: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में चारधाम यात्रा के प्रमुख मार्गों में शामिल यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-134) पर स्यानाचट्टी के पास क्षतिग्रस्त सड़क की बहाली का कार्य तेजी से चल रहा है। प्रशासन के अनुसार करीब 100 मीटर लंबा सड़क का हिस्सा भूस्खलन और भारी बारिश के कारण बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। अब तक लगभग 80 प्रतिशत बहाली का कार्य पूरा कर लिया गया है और यदि मौसम अनुकूल रहा तो बुधवार शाम तक इस मार्ग पर यातायात दोबारा शुरू होने की उम्मीद है।
भूस्खलन से ठप हुआ था चारधाम यात्रा का अहम मार्ग
लगातार हो रही बारिश के चलते स्यानाचट्टी और रानाचट्टी के बीच पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर गिरने के कारण यमुनोत्री हाईवे का लगभग 100 मीटर हिस्सा पूरी तरह बह गया था। इसके चलते यमुनोत्री धाम जाने वाले हजारों श्रद्धालुओं, स्थानीय लोगों और आवश्यक सेवाओं की आवाजाही प्रभावित हुई। कई यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया, जबकि कुछ लोगों ने वैकल्पिक पैदल मार्ग का सहारा लिया।
चार मशीनें और 25 श्रमिक दिन-रात कर रहे काम
हाईवे को जल्द से जल्द चालू करने के लिए प्रशासन ने युद्धस्तर पर राहत एवं बहाली अभियान शुरू किया है। मौके पर चार भारी मशीनें, जिनमें जेसीबी और पोकलेन शामिल हैं, लगातार मलबा हटाने और सड़क को समतल करने का कार्य कर रही हैं। इसके साथ ही करीब 25 श्रमिक दिन-रात काम में जुटे हुए हैं ताकि मार्ग को सुरक्षित बनाकर जल्द यातायात के लिए खोला जा सके।
80 प्रतिशत कार्य पूरा, अंतिम चरण में बहाली
लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े अधिकारियों के अनुसार सड़क निर्माण और मलबा हटाने का अधिकांश काम पूरा हो चुका है। अब केवल अंतिम हिस्से में सड़क को मजबूत बनाने, किनारों की सुरक्षा और वाहनों की आवाजाही के लिए आवश्यक परीक्षण का कार्य किया जा रहा है। यदि दिनभर मौसम सामान्य रहा और दोबारा भूस्खलन नहीं हुआ तो शाम तक छोटे और बड़े वाहनों की आवाजाही शुरू कराई जा सकती है।
मौसम बना सबसे बड़ी चुनौती
अधिकारियों का कहना है कि सबसे बड़ी चुनौती लगातार बदलता मौसम है। क्षेत्र में बीच-बीच में बारिश होने से पहाड़ियों से फिर मलबा गिरने का खतरा बना रहता है। इसलिए बहाली कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। मशीन ऑपरेटरों और श्रमिकों को भी जोखिम वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
यात्रियों से धैर्य रखने की अपील
जिला प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे आधिकारिक यातायात अपडेट मिलने तक अनावश्यक रूप से प्रभावित क्षेत्र की ओर न जाएं। पुलिस और प्रशासन लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं तथा मार्ग खुलने के बाद चरणबद्ध तरीके से वाहनों को अनुमति दी जाएगी। यात्रियों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
चारधाम यात्रा पर पड़ा असर
यमुनोत्री धाम चारधाम यात्रा का पहला पड़ाव माना जाता है। ऐसे में हाईवे बंद होने से यात्रा संचालन पर असर पड़ा है। स्थानीय व्यापारियों, होटल संचालकों और टैक्सी चालकों को भी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा। हालांकि सड़क बहाल होने की उम्मीद से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में राहत की भावना है।
प्रशासन की निगरानी लगातार जारी
उत्तरकाशी जिला प्रशासन, पुलिस, राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें पूरे अभियान की निगरानी कर रही हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सड़क तभी खोली जाएगी जब उसकी सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित हो जाएगी। मार्ग खुलने के बाद भी संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी जारी रहेगी ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
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