
दिनेशपुर। उत्तराखंड के सुंदरपुर गांव की एक महिला मजदूर की कर्नाटक के मैसूर में दर्दनाक मौत हो गई। महिला धान की पौध लगाने के लिए मजदूरों के समूह के साथ कर्नाटक गई थी। खेत में काम करने के दौरान जहरीले सांप ने उसे डस लिया, जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
महिला की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। इसके बाद परिजनों ने करीब सवा लाख रुपये खर्च कर फ्रीजर एंबुलेंस के माध्यम से शव को मैसूर से दिनेशपुर लाया।
धान की रोपाई के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, सुंदरपुर गांव से मजदूरों का एक समूह धान की पौध लगाने के लिए कर्नाटक गया हुआ था। इसी समूह में गांव निवासी 40 वर्षीय ललिता मंडल भी अपने पति तारक मंडल के साथ मैसूर गई थीं।
बताया जा रहा है कि गुरुवार को ललिता खेत में धान की पौध लगा रही थीं। इसी दौरान अचानक एक जहरीले सांप ने उन्हें डस लिया।
सांप के काटने के बाद उनकी हालत बिगड़ने लगी। खेत में मौजूद साथी मजदूरों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
साथी मजदूरों ने गंभीर हालत में ललिता को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
महिला की मौत की जानकारी मिलते ही उनके पति और साथ गए अन्य मजदूरों में शोक फैल गया।
वहीं, घटना की सूचना जैसे ही सुंदरपुर गांव में परिवार और रिश्तेदारों तक पहुंची, वहां भी मातम का माहौल हो गया।
गांव में पसरा मातम
ललिता मंडल की मौत की खबर के बाद सुंदरपुर गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
ग्रामीणों ने बताया कि ललिता परिवार की आर्थिक मदद के लिए मजदूरी करने कर्नाटक गई थीं। धान रोपाई का काम करने के दौरान यह हादसा हो गया।
फ्रीजर एंबुलेंस से लाया गया शव
परिजनों ने महिला का शव गांव लाने के लिए विशेष व्यवस्था की। करीब सवा लाख रुपये खर्च कर फ्रीजर एंबुलेंस की व्यवस्था की गई, जिससे शव को सुरक्षित तरीके से दिनेशपुर लाया जा सके।
लंबी दूरी होने के कारण सामान्य वाहन से शव लाना संभव नहीं था, इसलिए फ्रीजर एंबुलेंस का सहारा लिया गया।
मजदूरों के सामने बड़ी चुनौती
दूसरे राज्यों में जाकर काम करने वाले मजदूरों के सामने अक्सर सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियां रहती हैं।
खेतों में काम करने के दौरान जहरीले जीव-जंतुओं के संपर्क में आने का खतरा बना रहता है। कई बार समय पर इलाज नहीं मिलने से गंभीर परिणाम सामने आते हैं।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
ललिता मंडल की मौत से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजन अब इस बात से परेशान हैं कि परिवार की जिम्मेदारियों को कैसे संभाला जाएगा।
ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार की मदद करने की मांग की है।
आगे की प्रक्रिया जारी
फिलहाल शव गांव पहुंचने के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। स्थानीय लोगों और रिश्तेदारों की मौजूदगी में परिवार को सांत्वना दी जा रही है।
यह घटना एक बार फिर बाहर जाकर मजदूरी करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा और उनके लिए बेहतर इंतजाम की जरूरत को सामने लाती है।





