उत्तराखंड

शेर सिंह का नाम क्यों आया चर्चा में? प्रदर्शन, विवाद और गैंगस्टर कनेक्शन पर नजर

nidhi
25 July 2026 9:32 AM IST
शेर सिंह का नाम क्यों आया चर्चा में? प्रदर्शन, विवाद और गैंगस्टर कनेक्शन पर नजर
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जंतर-मंतर प्रदर्शन से चर्चा में आया शेर सिंह कौन? कुख्यात गैंगस्टर से जुड़े बताए जा रहे तार
Dehradun: दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद उत्तराखंड पुलिस के कांस्टेबल शेर सिंह का नाम अचानक चर्चा में आ गया है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस की वर्दी में मंच पर पहुंचे शेर सिंह ने अपने पद और व्यवस्था को लेकर बयान दिया, जिसके बाद यह मामला सुर्खियों में आ गया।
मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब सामने आया कि शेर सिंह पहले से निलंबित पुलिसकर्मी हैं और उनके नाम का संबंध एक पुराने आपराधिक मामले से भी जोड़ा गया है। पुलिस अधिकारियों ने उनके सेवा रिकॉर्ड और पुराने मामलों को लेकर जानकारी साझा की है।
जंतर-मंतर प्रदर्शन में क्यों आए चर्चा में?
जानकारी के मुताबिक, शेर सिंह दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे एक प्रदर्शन में पहुंचे थे। वहां उन्होंने पुलिस की वर्दी पहनी हुई थी और मंच से अपना पक्ष रखा। उनके इस कदम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद पुलिस विभाग में भी हलचल मच गई।
उनके मंच से कथित इस्तीफे को लेकर भी विवाद खड़ा हुआ। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वह पहले से निलंबित थे, इसलिए मंच से दिया गया इस्तीफा नियमित सेवा प्रक्रिया का हिस्सा नहीं माना जा सकता।
कौन हैं शेर सिंह?
शेर सिंह उत्तराखंड पुलिस के कांस्टेबल रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, वह मूल रूप से उत्तराखंड के हरिद्वार क्षेत्र से जुड़े बताए जाते हैं। वह पुलिस विभाग में रहते हुए विवादों के कारण पहले भी चर्चा में रहे हैं।
उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई और निलंबन की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार, उनके सेवा रिकॉर्ड को लेकर जांच पहले से चल रही थी।
गैंगस्टर प्रवीण वाल्मीकि से जुड़े आरोप
शेर सिंह का नाम कुख्यात गैंगस्टर प्रवीण वाल्मीकि गिरोह से जुड़े एक पुराने मामले में भी सामने आया था। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, एसटीएफ जांच में उनके कथित संबंधों को लेकर कार्रवाई हुई थी और उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था।
हालांकि, इन आरोपों और मामलों की कानूनी स्थिति का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।
पुलिस विभाग का क्या कहना है?
उत्तराखंड पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि शेर सिंह के खिलाफ विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जा चुकी है। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका प्रदर्शन में शामिल होना और मंच से बयान देना विभागीय नियमों के अनुरूप नहीं माना जा रहा है।
मामले पर उठे सवाल
शेर सिंह प्रकरण के बाद कई सवाल चर्चा में हैं—
एक निलंबित पुलिसकर्मी को वर्दी में सार्वजनिक प्रदर्शन में शामिल होने की अनुमति कैसे मिली?
उनके पुराने मामलों और विभागीय कार्रवाई की स्थिति क्या है?
प्रदर्शन में उनकी भूमिका को किस नजर से देखा जाना चाहिए?
पुलिस विभाग ऐसे मामलों में क्या कार्रवाई करेगा?
आगे क्या?
फिलहाल शेर सिंह से जुड़े मामले में पुलिस विभाग और प्रशासनिक स्तर पर जानकारी जुटाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि नियमों के उल्लंघन या किसी आपराधिक मामले में संलिप्तता साबित होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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