
Uttarakhand उत्तराखंड : उत्तराखंड समेत देश के उत्तर-पश्चिमी और उत्तरी हिस्सों को प्रभावित करने वाले पश्चिमी विक्षोभ अब धीरे-धीरे विदाई की ओर बढ़ रहे हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार हालिया सक्रियता के बाद इन प्रणालियों का असर कमजोर पड़ने लगा है, जिससे आने वाले दिनों में तापमान में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
शुक्रवार को आए ताजा पश्चिमी विक्षोभ के बाद 19 और 23 मई के आसपास दो और विक्षोभ आने की संभावना जताई गई है, लेकिन इनका प्रभाव काफी कमजोर रहने का अनुमान है। विशेषज्ञों का कहना है कि ये विक्षोभ मौसम पर विशेष असर नहीं डाल पाएंगे।
मौसम में बदलाव के साथ अब मैदान से लेकर पर्वतीय क्षेत्रों तक गर्मी का असर बढ़ने लगेगा। खासकर काशीपुर, पंतनगर और रुड़की जैसे क्षेत्रों में तापमान 20 मई के आसपास 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। तापमान में इस बढ़ोतरी से लोगों को तेज गर्मी और उमस का सामना करना पड़ सकता है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ की शुरुआत सामान्य तौर पर नवंबर महीने से होती है और ये सिस्टम अप्रैल तक सक्रिय रहते हैं। कभी-कभी यह मई तक भी असर दिखाते हैं, लेकिन इसके बाद इनकी सक्रियता कम हो जाती है और गर्मी का प्रभाव बढ़ने लगता है।
तापमान में संभावित वृद्धि को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। दोपहर के समय धूप से बचने, पर्याप्त पानी पीने और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की सलाह दी जा रही है।
ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में गर्मी का असर बढ़ने के साथ ही बिजली और पानी की मांग भी बढ़ने की संभावना है। प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी प्रकार की परेशानी न हो।
फिलहाल मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में तापमान में लगातार बढ़ोतरी जारी रह सकती है और गर्मी का असर और तेज हो सकता है।





