उत्तराखंड

उत्तराखंड में फिर बिगड़ेगा मौसम आपदा प्रबंधन विभाग हाई अलर्ट पर

Ratna Netam
25 Sept 2026 6:11 PM IST
उत्तराखंड में फिर बिगड़ेगा मौसम आपदा प्रबंधन विभाग हाई अलर्ट पर
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देहरादून। उत्तराखंड में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन तंत्र को सतर्क कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन से बात कर मौसम की स्थिति और राज्य की तैयारियों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलों और विभागों को मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक सावधानी बरतने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए।भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की 25 सितंबर की चेतावनी के मुताबिक उत्तराखंड में शुक्रवार को भारी बारिश की आशंका है, जबकि 26 सितंबर को कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। 27 सितंबर को भी बहुत भारी बारिश और 28 सितंबर को भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना भी जताई गई है।
मौसम की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिया कि संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जाए और ऐसे स्थानों पर विशेष ध्यान दिया जाए जहां भारी बारिश के दौरान भूस्खलन, जलभराव, सड़क अवरुद्ध होने या अन्य आपदा संबंधी घटनाओं का खतरा रहता है।मुख्यमंत्री ने राहत और बचाव कार्यों से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं को पहले से तैयार रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन, पुलिस, आपदा प्रबंधन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियां आपसी समन्वय बनाए रखें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके। जरूरत पड़ने पर राहत और बचाव टीमों को तेजी से प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाने की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
धामी ने जिला आपातकालीन संचालन केंद्रों को सक्रिय रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मौसम विभाग से मिलने वाली चेतावनी और स्थानीय स्तर पर सामने आने वाली जानकारी को तुरंत संबंधित अधिकारियों और आम लोगों तक पहुंचाया जाए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खराब मौसम की स्थिति में लोगों को समय रहते सतर्क किया जा सके।उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के साथ जिलों में भी आपदा संबंधी परिस्थितियों से निपटने की व्यवस्था मौजूद है। राज्य स्तर पर आपातकालीन सहायता के लिए 1070 और एकीकृत आपात सेवा के लिए 112 नंबर उपलब्ध है। प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट पर विनोद कुमार सुमन को आपदा प्रबंधन सचिव और मदन कौशिक को आपदा प्रबंधन मंत्री के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने भी सचिव विनोद कुमार सुमन से बातचीत कर राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मौसम की स्थिति और विभाग की तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को मौसम के बदलते स्वरूप पर लगातार नजर रखने और किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक संसाधनों को तैयार रखने को कहा।पर्वतीय राज्य होने के कारण उत्तराखंड में तेज बारिश के दौरान भूस्खलन, पहाड़ों से मलबा गिरने, नदी-नालों के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी और सड़कों के बंद होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में प्रशासन का जोर संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर सूचनाओं के तेज आदान-प्रदान पर है।
चारधाम यात्रा मार्गों पर भी मौसम की स्थिति महत्वपूर्ण बनी हुई है। IMD की चेतावनी के अनुसार 26 सितंबर को गंगोत्री क्षेत्र में भारी बारिश, गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं की संभावना है। 27 सितंबर के लिए यहां भारी से बहुत भारी बारिश और कुछ समय के लिए अत्यधिक तीव्र बारिश की संभावना जताई गई है।IMD के देहरादून पूर्वानुमान में 26 सितंबर को सामान्य रूप से बादल छाए रहने के साथ एक-दो दौर बारिश या गरज के साथ बौछार पड़ने की संभावना है। 27 सितंबर को भी बारिश के कुछ दौर होने का अनुमान है। मौसम विभाग के मौजूदा पूर्वानुमान से संकेत मिलता है कि अगले कुछ दिनों तक राज्य में मौसम की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
इसी तरह ऊधम सिंह नगर के लिए मौसम विभाग के पूर्वानुमान में 26 सितंबर को बादल छाए रहने के साथ भारी बारिश या गरज के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। इससे स्पष्ट है कि पर्वतीय क्षेत्रों के साथ मैदानी जिलों में भी प्रशासन को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की जरूरत है।मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों से कहा कि मौसम संबंधी अलर्ट को स्थानीय स्तर तक समय पर पहुंचाया जाए। विशेष रूप से दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक सूचना पहुंचाने के लिए उपलब्ध संचार माध्यमों का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन को जरूरत के मुताबिक स्थानीय स्तर पर एहतियाती कदम उठाने को भी कहा गया है।
सरकार का जोर इस बात पर है कि राहत एवं बचाव से जुड़ी मशीनरी, आवश्यक उपकरण और संबंधित विभागों के कर्मचारी अलर्ट मोड में रहें। सड़क अवरुद्ध होने की स्थिति में संबंधित एजेंसियों को मार्ग खोलने के लिए तैयार रहने और स्थानीय प्रशासन को अपने क्षेत्र की स्थिति की लगातार समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं।मौसम विभाग की चेतावनी के बीच लोगों से भी सावधानी बरतने की अपेक्षा की जा रही है। विशेष रूप से भारी बारिश के दौरान पहाड़ी मार्गों, नदी-नालों और भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है। यात्रा करने वाले लोगों के लिए मौसम और मार्ग की ताजा स्थिति की जानकारी लेकर ही आगे बढ़ना उपयोगी होगा।
25 सितंबर को जारी IMD की चेतावनी के अनुसार उत्तराखंड में 26 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश और 27 सितंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना है। इसके बाद 28 सितंबर को भी भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है।इसी पूर्वानुमान को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक ने राज्य की तैयारियों की समीक्षा की है। सरकार ने संबंधित जिलों, विभागों और आपातकालीन संचालन केंद्रों को सक्रिय रहने तथा संवेदनशील इलाकों की लगातार निगरानी करने को कहा है, ताकि खराब मौसम के दौरान किसी भी स्थिति में राहत और बचाव कार्य तत्काल शुरू किए जा सकें।
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