
देहरादून। मॉनसून की विदाई के बाद उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है। सोमवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाएं चलीं और देहरादून समेत विभिन्न शहरों में बारिश व बूंदाबांदी दर्ज की गई। मंगलवार सुबह भी राजधानी देहरादून के कई इलाकों में झमाझम बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट के साथ मौसम सुहावना हो गया। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के 6 अक्टूबर के आधिकारिक चेतावनी बुलेटिन के मुताबिक उत्तराखंड में 6 से 9 अक्टूबर तक गरज-चमक और तेज हवाओं से जुड़ी चेतावनी जारी की गई है। हालांकि 10 और 11 अक्टूबर के लिए वर्तमान आधिकारिक बुलेटिन में कोई चेतावनी नहीं दिखाई गई है। यानी मौसम में बदलाव का सबसे ज्यादा असर शुरुआती चार दिनों के दौरान रहने की संभावना है।
मंगलवार को देहरादून के कई इलाकों में सुबह से बादल छाए रहे और कुछ स्थानों पर अच्छी बारिश हुई। मौसम की इस करवट का असर सड़क यातायात और दैनिक गतिविधियों पर भी देखने को मिला। सुबह कार्यालय और स्कूल-कॉलेज जाने वाले लोगों को बारिश के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर सड़कों पर पानी जमा होने से वाहन चालकों को धीमी गति से चलना पड़ा।
मौसम विभाग से जुड़े पूर्वानुमानों में मंगलवार को देहरादून और नैनीताल समेत छह जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है। साथ ही कुछ स्थानों पर गरज के साथ तेज बौछारें पड़ने और तेज हवा चलने की संभावना भी है। बदलते मौसम को देखते हुए लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
सोमवार को भी प्रदेश के कई इलाकों में अचानक तेज हवा चलने लगी थी। इसके बाद कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और बूंदाबांदी हुई। देहरादून में शाम और रात के समय बादल छाए रहे। इसके बाद मंगलवार सुबह फिर से बारिश शुरू होने से साफ हो गया कि राज्य में मौसम का यह बदलाव केवल कुछ घंटों तक सीमित नहीं है।
उत्तराखंड में मानसून की विदाई के बाद आमतौर पर मौसम धीरे-धीरे शुष्क होने लगता है, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ और दूसरे मौसमी तंत्रों के प्रभाव से अक्टूबर में भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में भी इस समय एक नए वेदर सिस्टम के प्रभाव से बारिश और तेज हवाओं का दौर सक्रिय हुआ है।
देहरादून में मंगलवार को हल्की बारिश की स्थिति दर्ज की गई। दिन का तापमान करीब 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 20 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। बारिश और बादलों के कारण दिन में धूप का असर कम रहने से लोगों को पिछले दिनों की तुलना में कुछ राहत महसूस हो सकती है।
मौसम में बदलाव का असर पहाड़ी क्षेत्रों में अधिक सावधानी की जरूरत पैदा करता है। बारिश के दौरान पहाड़ी मार्गों पर फिसलन बढ़ सकती है। कुछ संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन या पत्थर गिरने का खतरा भी बढ़ सकता है। ऐसे में पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा करने वाले लोगों को निकलने से पहले स्थानीय मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी जाती है।
तेज हवा और गरज-चमक की चेतावनी को देखते हुए किसानों के लिए भी मौसम महत्वपूर्ण हो गया है। खेतों में तैयार फसल या खुले में रखे कृषि उत्पादों को सुरक्षित स्थान पर रखने की जरूरत पड़ सकती है। बिजली चमकने के दौरान खुले खेतों में रहने से बचना और सुरक्षित भवन में जाना बेहतर माना जाता है।
पर्यटन स्थलों पर जाने वाले यात्रियों के लिए भी अगले कुछ दिन मौसम पर नजर रखना जरूरी रहेगा। नैनीताल, मसूरी और आसपास के पर्वतीय इलाकों में अचानक बारिश और कोहरे से दृश्यता कम हो सकती है। पहाड़ी सड़कों पर वाहन चलाते समय गति नियंत्रित रखने और मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा से बचने की जरूरत है।
प्रदेश में अक्टूबर महीने की शुरुआत से ही मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। कभी तेज धूप और गर्मी तो कभी बादलों और बारिश से तापमान में बदलाव हो रहा है। ऐसे में सुबह और रात के समय हल्की ठंड भी महसूस होने लगी है। आने वाले दिनों में तापमान में धीरे-धीरे और गिरावट आने की संभावना बनी रहेगी।
मौसम विभाग की चेतावनी का मतलब यह नहीं है कि पूरे राज्य में एक साथ भारी बारिश होगी। अलग-अलग जिलों और स्थानीय इलाकों में मौसम का प्रभाव अलग हो सकता है। कुछ जगहों पर केवल बादल और हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, जबकि कहीं तेज बौछारें और गरज-चमक देखने को मिल सकती है।
फिलहाल उत्तराखंड में मौसम की इस नई करवट ने लोगों को गर्मी से राहत तो दी है, लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में सतर्कता भी बढ़ा दी है। देहरादून समेत कई शहरों में बारिश का सिलसिला शुरू हो चुका है और अगले कुछ दिनों तक मौसम पूरी तरह साफ रहने की संभावना कम है। लोगों को मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।





